टप्पेबाज़ गिरोह का पर्दाफाश: कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने 4 शातिर गिरफ्तार, मोबाइल-सिम से लेकर भारतीय-विदेशी मुद्रा तक बरामद..

Gyan Prakash Dubey


बस्ती में टप्पेबाज़ गिरोह का पर्दाफाश: कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने 4 शातिर गिरफ्तार, मोबाइल-सिम से लेकर भारतीय-विदेशी मुद्रा तक बरामद

बस्ती, 17 नवंबर 2025।
कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर में सक्रिय एक शातिर टप्पेबाज़ गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। रविवार शाम करीब 7:30 बजे ईसाई कब्रिस्तान गड़गोड़िया के पास दबिश देकर पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया। यह गैंग लोगों को छल-कपट और धोखाधड़ी के जरिए पैसे ऐंठने में माहिर था।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने 8 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, 1925 रुपये नकद, एक घड़ी, कागज की गड्डी, भारतीय और विदेशी मुद्रा, और कई कुटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और पहले भी कई बार पुलिस की पकड़ में आ चुका है।

गिरफ्तारी के आधार पर थाना कोतवाली में मुकदमा संख्या 436/2025 धारा 3(5), 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई जारी है।

बरामदगी में मिला सामान

  • ₹1925 नकद
  • 8 मोबाइल फोन
  • 19 सिम कार्ड
  • घड़ी
  • भारतीय-विदेशी मुद्रा
  • कुटरचित एवं फर्जी दस्तावेज

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

  1. सिकंदर अली उर्फ इशहाक, निवासी हबीबपुर, थाना राणाघाट, जिला नादिया (पश्चिम बंगाल), उम्र 55 वर्ष
  2. सलमान पुत्र आलम, निवासी लोनी, जनपद गाजियाबाद, उम्र 32 वर्ष
  3. मोहम्मद दिलबर हुसैन, निवासी किशनगंज, बिहार, उम्र 46 वर्ष
  4. फिरोज मीर उर्फ उज्जवल, निवासी चगदा, नादिया (पश्चिम बंगाल), उम्र 33 वर्ष

अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास

तीनों आरोपी—सिकंदर अली, सलमान और दिलबर—बस्ती में पहले भी धोखाधड़ी संबंधित मामलों में पकड़े जा चुके हैं।
सबसे लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास फिरोज मीर उर्फ उज्जवल का सामने आया है, जो पहले लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के कई गंभीर मामलों में भी गिरफ्तार हो चुका है, जिसमें 394/411 और 399/402 जैसे संगीन अपराध शामिल हैं।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

  • दिनेश चंद्र चौधरी — प्रभारी निरीक्षक, थाना कोतवाली
  • शेषनाथ यादव — प्रभारी सर्विलांस टीम
  • सभाशंकर यादव — चौकी प्रभारी, गांधीनगर
  • राजेंद्र यादव — चौकी प्रभारी, रौता
  • पवन कुमार मौर्या — चौकी प्रभारी, सदर अस्पताल
  • हेड कॉन्स्टेबल मुन्नालाल चौधरी
  • हेड कॉन्स्टेबल अंगद मौर्या, का. सत्येंद्र सिंह (सर्विलांस टीम)
  • का. मनीष यादव, असगर अली, धर्मेंद्र कुशवाहा, संदीप कुमार सिंह

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने में लगा था। पकड़े जाने के बाद अब इनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भी तलाश जारी है।

NGV PRAKASH NEWS


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