
SIR कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ी: यूपी को 14 दिन की राहत, राजस्थान में इंतजार जारी — डिजिटाइजेशन और मतदाता मैपिंग में राजस्थान देश में अव्वल
उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समय सीमा चुनाव आयोग ने बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार आयोग ने प्रदेश को 14 दिन का अतिरिक्त समय प्रदान करते हुए अंतिम तिथि 11 दिसंबर से बढ़ाकर 25 दिसंबर कर दी है। समय सीमा बढ़ने से अब यूपी के मतदाता 25 दिसंबर तक अपने नामांकन से जुड़े दावे व आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। जानकारों का कहना है कि आयोग अन्य राज्यों में भी इसी तरह की राहत देने पर विचार कर सकता है, हालांकि राजस्थान में अभी किसी आधिकारिक बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। वहां अतिरिक्त समय दिए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार जारी है।
इस बीच, राजस्थान ने SIR प्रक्रिया में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। 6 दिसंबर को राज्य ने विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के तहत मतदाता सूची का 100% डिजिटाइजेशन पूरा कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने इसे ‘टीम राजस्थान की सामूहिक उपलब्धि’ बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक बीएलओ, सहायक कार्मिकों, पर्यवेक्षकों, एईआरओ, ईआरओ और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अभूतपूर्व समर्पण के साथ कार्य कर यह उपलब्धि हासिल की।
राजस्थान में समय सीमा बढ़ाने पर विचार जरूर हो रहा है, लेकिन अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की विशेषाधिकारी डॉ. रेणु पूनिया ने भी स्पष्ट किया है कि एसआईआर की डेडलाइन में बदलाव को लेकर औपचारिक निर्णय लंबित है।
राजस्थान मतदाता मैपिंग में भी देश में सबसे आगे है। 6 दिसंबर तक राज्य में 97% से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब केवल करीब 3% मतदाताओं को दावे–आपत्तियों के दौरान दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। औसतन प्रति बूथ लगभग 30 मतदाताओं को ही कागज़ी सत्यापन की आवश्यकता पड़ने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार उच्च स्तरीय मैपिंग ने न केवल SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है, बल्कि मतदाताओं को बार-बार दस्तावेज जमा कराने की समस्या से भी राहत दिलाई है।
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