अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले गैंग का खुलासा, थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की अगुवाई में तीन आरोपी गिरफ्तार..

Gyan Prakash Dubey

अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले गैंग का खुलासा, थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की अगुवाई में तीन आरोपी गिरफ्तार

बस्ती, 26 दिसंबर 2025।
थाना परसरामपुर पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर अपहरण कर फिरौती वसूलने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई की कमान थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने संभाली, जिनकी सतर्कता, रणनीति और टीमवर्क के चलते यह मामला महज चार दिनों में सुलझा लिया गया और अपहृत व्यक्ति को सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार 22 दिसंबर को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के रहने वाले वीरेंद्र सिंह को परसरामपुर कस्बे में दुर्गा माता मंदिर के पास से एक सफेद स्कार्पियो में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया गया था। आरोपियों ने एक लाख रुपये की मांग की और अयोध्या के देवकाली क्षेत्र में ले जाकर पीड़ित के एटीएम से 50 हजार रुपये निकाल लिए थे। इसके बाद उसे छोड़कर फरार हो गए थे। पीड़ित की सूचना पर थाना परसरामपुर में मुकदमा दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई।

थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। इसी दौरान सूचना मिली कि यही गिरोह एक और वारदात की योजना बना रहा है। इस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 दिसंबर की सुबह हैदराबाद बगिया इलाके में घेराबंदी कर तीनों अभियुक्तों को स्कार्पियो वाहन समेत गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बदल सिंह उर्फ वैभव सिंह निवासी सुलतानपुर, अरविंद वर्मा और बब्बन सिंह उर्फ नवरत्न सिंह निवासी रायबरेली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह खास तौर पर झोला छाप डॉक्टरों और बाहर से आने वाले लोगों को निशाना बनाता था, क्योंकि वे बदनामी के डर से अक्सर शिकायत नहीं करते।

पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, 14,600 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन बरामद किया है। आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वॉयस सैंपल, फोटोग्राफ और एनएएफआईएस विवरण जुटाए जा रहे हैं ताकि उनके आपराधिक नेटवर्क और पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

पूरे अभियान के सफल समापन पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की अगुवाई में बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय का परिणाम है, जिससे न सिर्फ एक गंभीर अपराध का खुलासा हुआ बल्कि संभावित नई वारदात भी रोकी जा सकी।

NGV PRAKASH NEWS

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