
Gyan Prakash Dubey
सृजन समारोह में माँ पर केंद्रित काव्यपाठ, विशेषांक के प्रकाशन की घोषणा
लखनऊ।
यूपी प्रेस क्लब और उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 164वें सृजन समारोह का रंग इस बार पूरी तरह माँ के भाव से रंगा रहा। मंच से पढ़ी गई हर रचना में कहीं स्मृति थी, कहीं कृतज्ञता, तो कहीं संवेदना का मौन संवाद। पूरा समारोह माँ विषय पर केंद्रित रहा और कवियों ने अपनी-अपनी अनुभूतियों को शब्दों में ढालकर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संयोजन मधु पाठक माँझी ने किया, संचालन योगी योगेश शुक्ल ने संभाला और अध्यक्षता सच्चिदानंद शलभ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उमेश प्रकाश ‘उमेश’, राजीव मिश्र और गिरधर खरे मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी उपस्थित रहे।
सृजन के संस्थापक सर्वेश अस्थाना ने इस अवसर पर घोषणा की कि अब सृजन का प्रत्येक संकलन किसी विशेष विषय पर आधारित होगा और उसका प्रकाशन भी कराया जाएगा। इसी क्रम में माँ विषय पर आधारित सृजन विशेषांक के प्रकाशन की घोषणा की गई, जिसे साहित्यिक जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कविसम्मेलन की शुरुआत प्रतिभा गुप्ता की वाणी वंदना से हुई। इसके बाद रश्मि श्रीवास्तव, निशा सिंह नवल, निर्भय नारायण गुप्त, पंकज प्रसून, राजीव वर्मा ‘वत्सल’, पी.एन. श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र रसिया, मनमोहन बारकोटी, सुनील मेहरोत्रा, कुमार आनंद, रजनी राय, आशुतोष आशू, खालिद लखनवी, पंकज सिंह ‘दिनकर’, अमित श्रीवास्तव, सुनीता ममगाई, अजिता गुप्ता, विमला त्रिवेदी, मंजूषा श्रीवास्तव सहित लगभग 45 रचनाकारों ने काव्यपाठ किया। हर प्रस्तुति में माँ को एक अलग दृष्टि और भावभूमि से देखा गया, जिसने श्रोताओं को भावुक भी किया और सोचने पर भी विवश किया।
कार्यक्रम के अंत में यह भी घोषणा की गई कि अगले सृजन समारोह का विषय “पिता” होगा, जिस पर आधारित रचनाएँ आमंत्रित की जाएंगी।
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