Gyan Prakash Dubey

ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी, नाम होने के बावजूद हजारों मतदाता बाहर
बस्ती, 10 जनवरी 2026 —
एसआईआर का ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम सूची से गायब पाए गए हैं, जिनके प्रपत्र विधिवत जमा थे और जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में भी दर्ज था। इसके बावजूद ब्लॉक स्तर पर तैनात बीएलओ और लेखपालों की गड़बड़ी के चलते उनका नाम नए ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हो पाया।
यह स्थिति एक ओर फील्ड स्तर के कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही को उजागर कर रही है, वहीं दूसरी ओर उन मतदाताओं के लिए परेशानी का कारण बन गई है, जिन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद मतदाता सूची से बाहर कर दिए जाने की स्थिति झेलनी पड़ रही है। ऐसे मतदाता अब कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और अपने नाम जुड़वाने के लिए दोबारा आवेदन की प्रक्रिया में फंस गए हैं।
स्थानीय स्तर पर इसे लेकर नाराजगी बढ़ रही है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रपत्र समय से जमा हुए और पुराने रिकॉर्ड में नाम दर्ज थे, तो फिर ड्राफ्ट रोल में नाम गायब कैसे हो गए। मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग भी शुरू हो गई है।
विधानसभा एवं त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियों के घर-घर सर्वे और सत्यापन के बाद सामने आए आंकड़ों में भी भारी अंतर पाया गया है। नगर पालिका परिषद और नौ नगर पंचायतों को छोड़कर केवल 1187 ग्राम पंचायतों में 19 लाख 58 हजार 332 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से 6 लाख 52 हजार 188 डुप्लीकेट मतदाता सामने आए हैं। निर्वाचन आयोग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस पर चिंता जताई गई है। अंतर अधिक रहने की स्थिति में अगला त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव विधानसभा की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाने की संभावना जताई गई है।
वर्तमान विधानसभा मतदाता सूची में जिले में 16 लाख 02 हजार 143 मतदाता दर्ज हैं। पिछले चुनाव में नगर पालिका परिषद और नौ नगर पंचायतों में मतदाताओं की संख्या 2 लाख 89 हजार 220 रही थी। त्रि-स्तरीय पंचायत सूची के मतदाताओं को जोड़ने पर कुल संख्या 22 लाख 47 हजार 542 हो जाती है।
विधानसभा सूची से मिलान करने पर मतदाताओं की संख्या में 6 लाख 45 हजार 399 का अंतर सामने आ रहा है। माना जा रहा है कि इनमें वे मतदाता शामिल हैं जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं, कुछ मृतक हैं और कुछ ऐसे हैं जो प्रदेश के बाहर निवास कर रहे हैं। कई ऐसे भी मतदाता पाए गए हैं जिनके नाम अलग-अलग ग्राम पंचायतों और पड़ोसी जिलों के गांवों में भी दर्ज हैं।
इन गड़बड़ियों को दूर करने के लिए बीएलओ को नए सिरे से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने पांडुलिपि शामिल करने और डबल मतदाताओं के सत्यापन व निस्तारण की प्रक्रिया 20 फरवरी तक बढ़ा दी है। इसकी ड्राफ्ट सूची 16 मार्च तक तैयार की जाएगी और 27 मार्च तक अंतिम सूची अपलोड की जाएगी, जिसे 28 मार्च को आमजन के लिए प्रकाशित किया जाएगा। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन मतदाताओं के नाम विधानसभा सूची में दर्ज हैं, उन्हीं को त्रि-स्तरीय पंचायत सूची में शामिल किया जाएगा।
सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम सदर शत्रुध्न पाठक ने बताया कि एसआईआर का कार्य चल रहा है और एक चरण पूरा हो चुका है। सभी बीएलओ को मतदाता सूचियां उपलब्ध करा दी गई हैं। यदि किसी मतदाता का नाम उस ग्राम पंचायत की विधानसभा सूची में नहीं है तो उसका नाम त्रि-स्तरीय पंचायत सूची में नहीं रहेगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान ने बताया कि निर्वाचन आयोग से त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के डुप्लीकेट मतदाताओं के परीक्षण के निर्देश मिले हैं। एसआईआर के तहत दावा-आपत्तियां ली जा रही हैं और 20 फरवरी तक पांडुलिपि के माध्यम से रिपोर्ट ली जानी है। जिन गांवों में फर्जी मतदाताओं की शिकायत मिलेगी, उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।
NGV PRAKASH NEWS
