
सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाला हैदरी दल का सरगना मजहर गिरफ्तार
बरेली, 18 जनवरी 2026 —
उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक नफरत फैलाने और मोरल पुलिसिंग के नाम पर मुस्लिम लड़कियों को डराने-धमकाने वाले संगठन हैदरी दल के सरगना मजहर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मठ चौकी प्रभारी ने पुराने रोडवेज स्टैंड के पास से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद मजहर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी मजहर मूल रूप से झारखंड का रहने वाला है और लंबे समय से हैदरी दल के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ तथा एडिट किए गए वीडियो पोस्ट कर रहा था। शुरुआत में वह सामान्य वीडियो पोस्ट करता था, लेकिन बाद में पुराने या अन्य राज्यों के वीडियो उठाकर उन्हें एडिट कर उत्तर प्रदेश या बरेली का बताकर वायरल करने लगा। इन वीडियो को वह मुसलमानों पर कथित अत्याचार के रूप में प्रस्तुत करता था। पुलिस जांच में अधिकांश वीडियो फर्जी और भ्रामक पाए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मजहर और उसके साथियों ने एक हिंदूवादी संगठन की नकल करते हुए हैदरी दल नाम का ग्रुप बनाया था। वे खुद को समाज सुधारक के रूप में पेश करते थे, जबकि उनका असली मकसद सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना और मुस्लिम युवतियों को डराना-धमकाना था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोप है कि हैदरी दल के सदस्य सार्वजनिक स्थानों पर मुस्लिम लड़कियों को परेशान करते थे। यदि कोई मुस्लिम लड़की किसी हिंदू युवक के साथ दिखाई देती थी तो उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता था। हिजाब पहनकर बाहर निकलने वाली लड़कियों को यह लोग धमकी देते थे कि वे हिजाब को बदनाम कर रही हैं और काफिरों से दोस्ती कर रही हैं। कई मामलों में मारपीट तक की घटनाएं सामने आई हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले वर्ष 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन भी हैदरी दल से जुड़े लोगों ने गांधी उद्यान में मुस्लिम युवतियों के साथ अभद्रता की थी। उस दौरान लड़कियों के हिजाब उतारने की कोशिश की गई और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया था।
जांच में सामने आया है कि हैदरी दल के नाम से कई सोशल मीडिया अकाउंट और चैनल संचालित किए जा रहे थे। यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इन अकाउंट्स से लगातार भड़काऊ सामग्री पोस्ट की जाती थी। सर्विलांस के जरिए इन अकाउंट्स की लोकेशन ट्रेस की गई, जिससे पता चला कि इन्हें झारखंड के गिरिडीह जिले से संचालित किया जा रहा था। 24 मार्च को मजहर ने इंस्टाग्राम पर ‘हैदरी दल ऑफिशियल’ और ‘राष्ट्रीय हैदरी’ नाम से अकाउंट बनाए थे, जिन पर करीब 23 हजार फॉलोअर हो चुके थे।
मामले की जांच में मजहर के साथियों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने पहले ही उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक होम्योपैथी डॉक्टर और एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर शामिल हैं। मौलाना तौकीर रजा का नाम भी इस प्रकरण में चर्चा में आया है। आरोप है कि उन्होंने पहले हैदरी दल का समर्थन किया और उसके नाजायज कार्यों के पक्ष में बयान दिए। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि किन लोगों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस संगठन को सहयोग दिया।
सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि मजहर और उसके साथी देश के अलग-अलग हिस्सों के वीडियो एडिट कर उन्हें उत्तर प्रदेश या बरेली का बताकर सोशल मीडिया पर फैलाते थे, जिससे सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन बरामद किया है और हैदरी दल से जुड़े सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित कर उन्हें बंद कराने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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