NGV PRAKASH NEWS

राम मंदिर दान चोरी मामला: आरोपियों का करेगा कोई बचाव नहीं, अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला
अयोध्या, 29 जून 2026।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बीच अयोध्या बार एसोसिएशन ने बड़ा निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने घोषणा की है कि इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की पैरवी कोई भी स्थानीय अधिवक्ता नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों की ओर से अदालत में पेश होता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
यह फैसला फैजाबाद एडवोकेट्स एसोसिएशन की बैठक में लिया गया, जहां सदस्यों ने राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण पर विस्तृत चर्चा की। अधिवक्ताओं का कहना था कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए वे आरोपियों का पक्ष नहीं रखेंगे।
उधर, मामले की जांच कर रही एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की संस्तुति की गई है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के संचालन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए किसी प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की आवश्यकता भी जताई गई है।
इस बीच, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने ट्रस्ट के आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से जानकारी दी कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इन इस्तीफों पर 11 जुलाई 2026 को प्रस्तावित ट्रस्ट की त्रैमासिक बैठक में विचार किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर भी मंथन जारी है। इस पद के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और सेवानिवृत्त आईएएस योगेश्वर राम मिश्र के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।
सोमवार को गिरफ्तार आठों आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेशी प्रस्तावित है। इसी बीच अयोध्या बार एसोसिएशन की बैठक में ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ भी नाराजगी सामने आई। बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय से तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़ने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर व्यापक आंदोलन और शहर बंद का आह्वान किया जाएगा।
फिलहाल, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच एसआईटी द्वारा जारी है और इस प्रकरण पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
NGV PRAKASH NEWS