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डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से नौकरी पाने का आरोप, सगे भाई ने लगाए गंभीर आरोप
अयोध्या, 28 जनवरी 2026.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा भेजकर सुर्खियों में आए अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) प्रशांत कुमार सिंह के मामले में अब चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस्तीफे के बाद प्रशांत कुमार सिंह पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि उनके सगे बड़े भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने लगाया है।
डॉ. विश्वजीत सिंह का कहना है कि प्रशांत कुमार सिंह ने फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी सेवा में नियुक्ति प्राप्त की। उन्होंने इस संबंध में वर्ष 2021 में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। 20 अगस्त 2021 को उन्होंने प्रशांत सिंह के दिव्यांग प्रमाण पत्र की दोबारा मेडिकल जांच कराने की मांग की थी।
शिकायत के बाद मंडलीय चिकित्सा परिषद ने प्रशांत सिंह को मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच के लिए बुलाया, लेकिन वे बोर्ड के सामने उपस्थित नहीं हुए। डॉ. विश्वजीत सिंह का दावा है कि प्रशांत सिंह दो बार मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश नहीं हुए। इस बीच विश्वजीत सिंह का एक और पत्र सामने आया है, जो मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबोधित है, जिसमें दिव्यांग प्रमाण पत्र की पुनः जांच कराने की मांग की गई थी।
डॉ. विश्वजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि इस्तीफा देना केवल एक नाटक है, ताकि जांच और संभावित रिकवरी से बचा जा सके। उनका कहना है कि जिस आंख की बीमारी को दिखाकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया गया, वैसी बीमारी 50 वर्ष से कम उम्र में दुनिया में कहीं नहीं पाई जाती।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी मऊ की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। डॉ. विश्वजीत सिंह ने प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने को लेकर औपचारिक शिकायत भी दर्ज करा दी है। इस्तीफे के बाद सामने आए इन आरोपों से मामला और गंभीर हो गया है। अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
उल्लेखनीय है कि अयोध्या में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी पर की गई टिप्पणी से वे आहत हैं। उनका कहना था कि जिस प्रदेश की सरकार से उन्हें वेतन मिलता है और जिससे उनका परिवार चलता है, उसी प्रदेश के मुख्यमंत्री का सार्वजनिक अपमान उन्हें स्वीकार नहीं है।
48 वर्षीय प्रशांत कुमार सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सरवा गांव के निवासी हैं। उनकी पहली तैनाती सहारनपुर में हुई थी और 21 अक्टूबर 2023 को उनकी पोस्टिंग अयोध्या में की गई थी।
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