हत्या के झूठे मुकदमे का पर्दाफाश,कथित मृतका की बच्चों सहित सकुशल बरामदगी…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

हत्या के झूठे मुकदमे का पर्दाफाश, कथित मृतका और दो बच्चों की सकुशल बरामदगी

बस्ती, 10 फरवरी 2026.

थाना कप्तानगंज पुलिस ने वर्ष 2024 में दर्ज एक सनसनीखेज हत्या के मामले का तकनीकी जांच के आधार पर अनावरण करते हुए कथित मृतका और उसके बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। ओटीपी ट्रेसिंग और सर्विलांस के जरिए पुलिस ने यह खुलासा किया कि जिस महिला को मृत मानकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था, वह जीवित है और राजस्थान में रह रही थी।

थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में थाना कप्तानगंज पुलिस टीम ने 4 नवंबर 2024 को पंजीकृत मुकदमा संख्या 202/24, धारा 103 व 238 भारतीय न्याय संहिता की विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। यह मुकदमा महिला के पति संदीप कुमार द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी प्रियंका प्रजापति और बच्चे की हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया गया है।

पुलिस द्वारा प्रारंभिक स्तर पर संभावित स्थानों पर दबिश, गवाहों के बयान और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का अवलोकन किया गया, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसी दौरान विवेचना में एक अहम तकनीकी जानकारी सामने आई, जब कथित मृतका द्वारा अपने बच्चे का नाम स्कूल में दर्ज कराने के लिए आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर में बदलाव का प्रयास किया गया। इस प्रक्रिया में ओटीपी प्राप्त होने की जानकारी पुलिस को मिली, जिसके बाद उस मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया।

सर्विलांस के जरिए मोबाइल लोकेशन राजस्थान के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में मिलने पर पुलिस टीम उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वहां पहुंची और प्रियंका प्रजापति को उसके बेटे अभि प्रजापति और तीन माह के शिशु यश के साथ सकुशल बरामद कर लिया।

पूछताछ में प्रियंका ने बताया कि वह अपने पति संदीप के साथ नहीं रहना चाहती थी, क्योंकि पति उसके प्रति उदासीन था। उसने 1 जुलाई 2024 को मायके से निकलकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन अयोध्या में एक व्यक्ति मंगल चंद ने उसे बचा लिया। इसके बाद वह मंगल चंद के साथ राजस्थान चली गई और दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे, जिससे यश का जन्म हुआ। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि वह अपनी इच्छा से मंगल चंद के साथ रह रही है।

पुलिस के अनुसार, बरामदगी के बाद आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले में तकनीकी जांच की भूमिका निर्णायक रही, जिससे हत्या के झूठे आरोपों का खुलासा हो सका।

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