आंधी-पानी और ओलावृष्टी का कहर: अगले तीन दिनों तक दिल्ली एनसीआर सहित यूपी के इन 48 जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट…….

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गरज-चमक के साथ बदला मौसम: यूपी के कई जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, हादसों में 7 की मौत

05 अप्रैल 2026.

📍दिल्ली-एनसीआर सहित लखनऊ, कानपुर और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर बाद कई इलाकों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में रविवार से 8 अप्रैल तक मध्यम से तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।

📍मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके प्रभाव से अगले चार दिनों तक बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है।

📍बेमौसम बारिश का असर सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ रहा है। गेहूं की कटाई का समय होने के चलते बारिश और ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना भी व्यक्त की गई है, जिससे खड़ी फसल प्रभावित हो सकती है।

👉वहीं, पिछले 48 घंटों में आंधी-बारिश से जुड़े हादसों में सात लोगों की मौत हो चुकी है। मथुरा में तेज आंधी के चलते करीब 600 बिजली के खंभे टूट गए, जिनमें से लगभग 450 खंभे छाता, नंदगांव और कोसीकलां क्षेत्रों में गिरे। इसके चलते करीब 200 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और 20 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक गए। एक जगह हाईटेंशन लाइन गिरने से बाइक सवार बिजली मिस्त्री करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं बिजली गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि फतेहपुर सीकरी में मकान की छत और दीवार गिरने से सात लोग घायल हो गए।

💥मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़ों व बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

जिन जिलों में ओलावृष्टि का पूर्वानुमान जताया गया है उनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

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