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देश में मौसम का दोहरा वार: कहीं हीटवेव का कहर, तो कहीं बारिश और तूफान का अलर्ट
नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2026.
देश के मौसम ने एक बार फिर तीखा रुख दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में जहां भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत के आसार कम हैं, हालांकि सप्ताह के अंत तक एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है।
📍सोमवार को जारी अलर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार और गुजरात के कई हिस्सों में हीटवेव का प्रभाव देखने को मिल सकता है। हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी गर्मी की तीव्रता बढ़ने की चेतावनी दी गई है। मैदानी क्षेत्रों में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचकर सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक हो जाता है, तब उसे हीटवेव की श्रेणी में रखा जाता है। इस समय कई इलाकों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचकर लोगों को बेहाल कर रहा है।
📍दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है। निचले वायुमंडल में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के गंगा मैदानी क्षेत्रों में 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
📍राजधानी दिल्ली में भी गर्मी अपने चरम पर बनी हुई है। अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि दिन में आंशिक बादल छाए रहने और शाम तक हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना भी जताई गई है, लेकिन इससे गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
📍हीटवेव से बचाव: जानिए जरूरी सावधानियां
भीषण गर्मी के इस दौर में लापरवाही गंभीर बीमारी या जानलेवा स्थिति तक पहुंचा सकती है। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।
📍विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि यही समय सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ओआरएस का सेवन करना चाहिए।
📍हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनना चाहिए और सिर को टोपी या गमछे से ढककर रखना चाहिए। बाहर निकलते समय छाता या सनग्लास का उपयोग भी लाभकारी होता है। खाली पेट या डिहाइड्रेशन की स्थिति में बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है, इसलिए पर्याप्त भोजन और पानी लेकर ही घर से निकलें।
👉गर्मी के कारण होने वाली हीट स्ट्रोक की स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार करें और नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
मौसम का यह बदलता मिजाज आने वाले दिनों में और चुनौतीपूर्ण हो सकता है, ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
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