ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, बंगाल में संवैधानिक संकट की आशंका! क्या रुक जाएगा नई सरकार का गठन?…….

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ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, बंगाल में संवैधानिक संकट की आशंका! क्या रुक जाएगा नई सरकार का गठन?

CM ममता बोलीं— “इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं”, संविधान विशेषज्ञों ने बताया आगे क्या होगा

🗓️ कोलकाता/नई दिल्ली | 05 मई 2026
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति की चर्चा तेज हो गई है। मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ममता ने कहा कि उनके इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि “हम नैतिक रूप से जीते हैं, मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी।” ममता ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष नहीं हुआ और वे अब सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगी।

⚖️ क्या कहता है संविधान?
इस पूरे मामले पर संविधान विशेषज्ञ का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा देने से इनकार करती हैं, तो राज्यपाल के पास सरकार को बर्खास्त करने का अधिकार होता है, क्योंकि चुनाव आयोग जनादेश जारी कर चुका है।

📊 नई सरकार के गठन पर असर पड़ेगा या नहीं?
संविधान विशेषज्ञों के मुताबिक:
मुख्यमंत्री इस्तीफा दें या न दें, नई विधानसभा के गठन पर असर नहीं पड़ेगा
राज्यपाल बिना इस्तीफे के भी नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति कर सकते हैं
विधानसभा का कार्यकाल खत्म होते ही नई सरकार का रास्ता साफ हो जाता है

🧑‍⚖️ कानून विशेषज्ञों की राय
👉 कानून विशेषज्ञ के अनुसार:
विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद नई सरकार के गठन में कोई संवैधानिक बाधा नहीं होती।
👉 कानून विशेषज्ञ का कहना है:
“जीत उसी की मानी जाएगी जिसे चुनाव आयोग ने प्रमाण पत्र दिया है, चाहे कोई कुछ भी दावा करे।”

📜 संविधान के अहम अनुच्छेद
अनुच्छेद 164: मुख्यमंत्री राज्यपाल की इच्छा तक पद पर रहते हैं
अनुच्छेद 172: विधानसभा का कार्यकाल 5 साल होता है
अनुच्छेद 356: संवैधानिक संकट की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है

🔍 अब आगे क्या?
7 मई 2026 को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है
ऐसे में राज्यपाल नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं
ममता बनर्जी के इस्तीफे का इस प्रक्रिया पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा

🧾 निष्कर्ष
ममता बनर्जी का इस्तीफा न देना राजनीतिक विवाद को जरूर बढ़ा सकता है, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा। नई सरकार का गठन तय समय पर हो सकता है।

👉 समाचार स्रोत ए एन आई

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