जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री के सामने उठाया अधिकारियों के फोन ना उठाने का मामला……..

भाजपाइयों ने प्रभारी मंत्री के सामने खोला मोर्चा, बोले- अफसर फोन तक नहीं उठाते
कानपुर, 06 मई 2026.
📍 जिला समन्वय समिति की बैठक में मंगलवार को उस समय प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए, जब जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों ने सीधे प्रभारी मंत्री के सामने अफसरों के रवैये को लेकर नाराजगी जाहिर की। बैठक में शहर की बदहाल व्यवस्थाओं, ट्रैफिक, अवैध कब्जों, मतदाता सूची की गड़बड़ियों और सूखे नशे के कारोबार जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
📍👉भाजपा नेताओं ने कहा कि अधिकारी सीयूजी नंबर तक नहीं उठाते। फोन करने पर अक्सर जवाब मिलता है कि “साहब मीटिंग में हैं”, लेकिन बाद में कॉल बैक भी नहीं किया जाता। जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि जब अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों की बात ही नहीं सुनेंगे, तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फोन उठाना अनिवार्य है और यदि किसी कारणवश कॉल रिसीव न हो सके तो वापस कॉल जरूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक महेश त्रिवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सीएम ग्रिड सड़क परियोजना को लेकर भी सवाल उठे। भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि कई जगह फुटपाथ इतने चौड़े बना दिए गए हैं कि सड़कें संकरी हो गई हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने स्वरूप नगर का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क निर्माण के दौरान पानी की पाइप लाइन डालने में घरों के हिस्से तक खोद दिए गए, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है। निर्माण कार्य के दौरान उड़ रही धूल को लेकर भी नाराजगी जताई गई। अधिकारियों ने इसे नीतिगत फैसला बताया, जिस पर प्रभारी मंत्री ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी बैठक में उठा। जनप्रतिनिधियों ने दावा किया कि कर्नलगंज, कैंट समेत कई इलाकों में एक कमरे में 200 से 300 मतदाता दर्ज हैं, जबकि कुछ परिसरों में 500 से 600 तक मतदाता सूचीबद्ध हैं। नेताओं ने इसकी जांच कर अवैध रूप से बने मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की। मंत्री ने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया ने कैंट क्षेत्र के तलउवा और लालकुर्ती इलाके में सेना की जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां कई परिवार वर्षों से रह रहे हैं और मतदाता भी बन चुके हैं। कब्जा हटाने के प्रयासों में पुलिस सहयोग नहीं मिलने की बात भी कही गई। प्रभारी मंत्री ने मामले की जांच कर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में शहर में बढ़ते सूखे नशे के कारोबार पर भी चिंता जताई गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद काकादेव, नवाबगंज, कल्याणपुर, बर्रा और चकेरी जैसे इलाकों में खुलेआम सूखा नशा बेचा जा रहा है और युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। संयुक्त आयुक्त संकल्प शर्मा ने बताया कि नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
शहर में जगह-जगह किए गए डायवर्जन और लगातार लगने वाले जाम को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। अधिकारियों ने कहा कि सभी डायवर्जनों की समीक्षा की जा रही है और जहां अनावश्यक व्यवस्था होगी, उसे हटाया जाएगा ताकि लोगों को राहत मिल सके।
NGV PRAKASH NEWS
