NGV PRAKASH NEWS

मेरठ, 07 मई 2026.
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक गुप्त शस्त्र फैक्ट्री पर छापा मारा है। इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में संचालित इस फैक्ट्री को बेहद शातिर तरीके से घर के भीतर छिपाया गया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो एक साधारण कपड़ों की अलमारी के पीछे बने गुप्त रास्ते को देखकर खुद हैरान रह गई। यह रास्ता सीधे तहखाने में खुलता था, जहां अवैध तमंचे और हथियार बनाने का काम चल रहा था।
एसपी देहात अभिजीत कुमार के मुताबिक पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि गांव के एक मकान में अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर देर रात छापेमारी की गई। जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपी इमरान ने अपने साथियों कुलदीप, नरेंद्र और उमंग ठाकुर के साथ मिलकर घर के अंदर अलमारी के नीचे गुप्त तहखाना तैयार कर रखा था। इसी तहखाने में हथियार बनाए जाते थे और फिर उन्हें अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाता था।
पुलिस ने मौके से पांच तैयार तमंचे, हथियार बनाने के उपकरण, भारी मात्रा में कच्चा माल और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों और तस्करों से संपर्क करते थे। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर यह गिरोह गुप्त तरीके से हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में 19 वर्षीय उमंग ठाकुर उर्फ देव का नाम सामने आने के बाद पुलिस भी चौंक गई। उमंग खुद को बीसीए का छात्र बताता है, लेकिन वह हथियार तस्करी के इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड इमरान के अलावा कुलदीप और नरेंद्र भी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे। कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
मेरठ पुलिस के मुताबिक जिले में पिछले कुछ समय से अवैध हथियार फैक्ट्रियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले भी शहर में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ था, जिसने बेड के नीचे तहखाना बनाकर अवैध शस्त्र फैक्ट्री संचालित कर रखी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह द्वारा बनाए गए हथियार किन जिलों और किन अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे।
इधर मेरठ की कोतवाली पुलिस ने भी अंतरजनपदीय हथियार तस्करों के एक अन्य गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान खत्ता रोड से सलमान और समीर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन अवैध पिस्टल और तीन देसी तमंचे बरामद किए हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मेरठ निवासी सलमान, हापुड़ के समीर को हथियार बेचने की तैयारी कर रहा था। डील पूरी होने से पहले ही पुलिस ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने मेरठ में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के बढ़ते नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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