“एसपी डॉ. यशवीर सिंह की जीरो टॉलरेंस नीति से नशा माफियाओं में हड़कंप, अब स्थानांतरण की चर्चाएं तेज”…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

नशे के सौदागरों पर कहर बनकर टूट रहे एसपी डॉ. यशवीर सिंह, बस्ती में ड्रग माफियाओं की टूटी कमर

बस्ती, 11 मई 2026.
बस्ती जिले में पुलिस अधीक्षक पद की कमान संभालने के बाद से डॉ. यशवीर सिंह ने जिस सख्त अंदाज में अपराध और विशेषकर नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान छेड़ा है, उसने जिले में सक्रिय ड्रग माफियाओं की नींद उड़ा दी है। स्मैक, हेरोइन, गांजा और नशीली गोलियों के अवैध कारोबार पर लगातार हो रही कार्रवाई से नशे के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ा है और कई क्षेत्रों में इन कारोबारियों की गतिविधियां लगभग ठप पड़ती दिखाई दे रही हैं।

पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह की कार्यशैली को लेकर जिले में लगातार चर्चा बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाए जा रहे अभियान के तहत न केवल नशे के कारोबारियों की धरपकड़ की जा रही है, बल्कि उनके नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों पर भी पुलिस की पैनी नजर है। यही वजह है कि लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध कारोबार पर अब सीधा असर दिखाई देने लगा है।

जानकारों का कहना है कि डॉ. यशवीर सिंह ने जिले में कानून व्यवस्था को लेकर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है। उनके निर्देशन में पुलिस टीम लगातार दबिश, चेकिंग अभियान और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए अपराध और नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कस रही है। इसका असर यह हुआ है कि जहाँ अपराध में कमी आई है वहीं कई छोटे-बड़े अपराधी एवं तस्कर या तो भूमिगत हो गए हैं या फिर जिला छोड़ने की तैयारी में हैं।

नशे के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के कारण जहां एक तरफ नशे का कारोबार करने वाले लोग पुलिस अधीक्षक की सख्ती से परेशान बताए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता और अभिभावकों में राहत का माहौल देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए जिस तरह की कार्रवाई की जरूरत थी, वह अब धरातल पर दिखाई दे रही है।

सूत्रों के मुताबिक, अंदरखाने कुछ ऐसे लोग भी सक्रिय बताए जा रहे हैं जो पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण की चर्चाओं को हवा देने में लगे हुए हैं। माना जा रहा है कि अवैध कारोबार पर लगातार हो रही कार्रवाई से प्रभावित कुछ तत्व पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि आधिकारिक स्तर पर ऐसी किसी चर्चा की पुष्टि नहीं हुई है।

ड्रग माफियाओं के बीच यह चर्चा भी आम है कि यदि इसी तरह अभियान चलता रहा तो जिले में उनका नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है। यही कारण है कि कई अवैध कारोबारी पुलिस अधीक्षक के तबादले की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही है कि वह प्रचार और लाइमलाइट से दूर रहकर काम करने में विश्वास रखते हैं। मीडिया सुर्खियों से अलग रहकर वह सीधे फील्ड में परिणाम देने पर जोर देते हैं, जिसका असर अब जिले की कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में साफ दिखाई देने लगा है।

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