भ्रष्टाचार पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारी निलंबित…….

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भ्रष्टाचार पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारी निलंबित

लखनऊ, 31 मई 2026.

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत योगी सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद को गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम द्वारा दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए गए, जिसे निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह ने तत्काल प्रभाव से लागू कराया। विभागीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों और प्रारंभिक जांच में सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और पद के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं।

बताया जा रहा है कि स्थानांतरण सत्र के दौरान तबादलों के नाम पर धन उगाही का संगठित खेल चल रहा था। आरोप है कि कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले कराने के बदले मोटी रकम वसूली जाती थी तथा इस प्रक्रिया में करीब 10 प्रतिशत तक कमीशन लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है।

वहीं प्रधान सहायक इमरान अहमद पर भी भ्रष्टाचार, कर्मचारियों के उत्पीड़न तथा धार्मिक आधार पर भेदभाव करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आया कि कुछ लोगों के साथ मिलकर विभाग में शिकायतों का एक नेटवर्क तैयार किया गया था। विभिन्न नामों से शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं और बाद में उन शिकायतों के निस्तारण अथवा कार्रवाई रोकने के नाम पर संबंधित कर्मचारियों से धन की मांग की जाती थी।

आरोपों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया के जरिए विभाग में भय और दबाव का माहौल बनाकर कथित रूप से अवैध वसूली की जाती थी। शासन के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा को देवीपाटन मंडल से संबद्ध किया गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी जारी है।

इस कार्रवाई के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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