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गरीब की जेब पर महंगाई का एक और वार! चाय की चुस्की और समोसे का स्वाद भी पड़ सकता है महंगा
नई दिल्ली, 1 जून 2026.
💥 महंगाई ने एक बार फिर आम आदमी, खासकर रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों की जेब पर सीधा हमला बोल दिया है। महीने की पहली तारीख को ही सरकार और तेल कंपनियों की ओर से ऐसा झटका मिला है, जिसका असर अब होटल, ढाबों, चाय की दुकानों और सड़क किनारे ठेलों तक दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद बाहर चाय पीना, समोसा खाना या सस्ता नाश्ता करना भी पहले से महंगा पड़ सकता है।
📍19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3113.50 रुपये का हो गया है, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 3255.50 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं 5 किलो वाले छोटे एफटीएल सिलेंडर के दाम भी 11 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।
📍गैस की बढ़ी कीमतों का सबसे ज्यादा असर उन छोटे दुकानदारों पर पड़ने की आशंका है जो चाय, समोसा, कचौड़ी, लिट्टी-चोखा और अन्य खाद्य पदार्थ बेचकर अपना परिवार चलाते हैं। कारोबारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही लागत के कारण अब खाद्य सामग्री के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बनती जा रही है। कई शहरों में पहले ही 12 रुपये वाला समोसा 15 रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि चाय और अन्य नाश्ते की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।
👉विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल, रेस्तरां, ढाबे और कैटरिंग व्यवसाय की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा बोझ आखिरकार ग्राहकों पर ही डाला जाएगा। ऐसे में दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला संचालक और छोटे कर्मचारी, जो दिनभर की मेहनत के बीच चाय-नाश्ते पर निर्भर रहते हैं, उन्हें अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है।
📍हालांकि घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरों में खाना बनाने वालों को तत्काल राहत मिली है। लेकिन बाजार में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर इसका असर जल्द दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।
📍उधर केंद्र सरकार ने 1 जून से पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती का भी ऐलान किया है। पेट्रोल पर विंडफॉल गेन टैक्स घटाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल पर लागू मौजूदा टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
👉बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर कमर्शियल गैस की कीमतों में यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले दिनों में चाय, समोसा, कचौड़ी और होटल के खाने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में महंगाई का यह नया झटका सीधे उस वर्ग को प्रभावित करेगा जो पहले से ही बढ़ती कीमतों और सीमित आय के बीच जीवनयापन की जंग लड़ रहा है।
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