6,000 की नौकरी से 200 करोड़ की अकूत संपत्ति तक: ACB की छापेमारी में खुला का काला साम्राज्य…….

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6,000 की नौकरी से 200 करोड़ की अकूत संपत्ति तक: ACB की छापेमारी में खुला तेलंगाना के बड़े अफसर का काला साम्राज्य

हैदराबाद, 11 जून 2026।

तेलंगाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रोड एंड बिल्डिंग्स (R&B) विभाग के प्रमुख अधिकारी जे. मोहन नायक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जो खुलासे हुए, उन्होंने जांच अधिकारियों के साथ-साथ पूरे प्रशासनिक तंत्र को भी हैरान कर दिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी सेवा की शुरुआत महज ₹6,000 मासिक वेतन से करने वाले जे. मोहन नायक ने कथित तौर पर वर्षों में टेंडर फिक्सिंग, ठेकेदारों से कमीशन और भ्रष्टाचार के अन्य माध्यमों से करीब ₹200 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित कर ली।

छापेमारी में मिला नोटों का जखीरा, सोने के बिस्कुट और लग्जरी संपत्तियां

ACB की टीमों ने जब मोहन नायक के आवासों और अन्य ठिकानों पर तलाशी शुरू की तो वहां से भारी मात्रा में नकदी, सोने के बिस्कुट, कीमती आभूषण और कई आलीशान संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद संपत्तियां उनकी वैध आय की तुलना में कई गुना अधिक हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नायक पर सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर चुनिंदा ठेकेदारों को दिलाने और उसके बदले भारी कमीशन लेने के आरोप हैं। यही रकम बाद में अचल संपत्तियों, सोने और अन्य निवेशों में लगाई गई।

जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य

करोड़ों रुपये मूल्य के सोने के बिस्कुट और आभूषण बरामद।

विभिन्न शहरों में कई लग्जरी विला और प्लॉट के दस्तावेज मिले।

बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी जब्त।

आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में संपत्ति कई गुना अधिक पाई गई।

टेंडर आवंटन में अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच जारी।

राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद तेलंगाना के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, जबकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवाजें भी तेज हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस मामले में कुछ प्रभावशाली ठेकेदारों और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

आगे क्या?

ACB ने जे. मोहन नायक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर लिया है। आने वाले दिनों में उनकी चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित भ्रष्टाचार के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।

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