नौकरी गयी तो छतिग्रस्त कर दिया पानी की टंकी…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

पंप ऑपरेटर ने बेटे के साथ मिलकर काटा जल जीवन मिशन की टंकी का लाइनर, एफआईआर दर्ज

बस्ती, 19 जून 2026।

बस्ती के राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पानी की टंकी से पानी गिरने के मामले में जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर जिस घटना को टंकी फटने की घटना बताया जा रहा था, वह दरअसल आपसी रंजिश और कथित साजिश का परिणाम निकली। पुलिस ने जांच के आधार पर पूर्व पंप ऑपरेटर प्रमोद शुक्ला और उसके पुत्र निहाल के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, 17 जून 2026 को राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन की टंकी में पानी भरा जा रहा था। इसी दौरान अचानक टंकी से पानी गिरने लगा, जिसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो में दावा किया गया कि टंकी फट गई है, जिससे ग्रामीणों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।

जांच में सामने आया कि परियोजना में पंप ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रहे प्रमोद शुक्ला को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कुछ समय पूर्व पद से हटा दिया गया था। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उन्होंने अपने बेटे निहाल के साथ मिलकर टंकी के अंदर लगे पीवीसी लाइनर, जिसमें पानी संग्रहित होता है, को धारदार हथियार से काट दिया। बताया गया कि घटना के दौरान निहाल टंकी पर चढ़ा जबकि प्रमोद शुक्ला नीचे खड़े होकर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।

जैसे ही टंकी में पानी भरने के लिए मोटर चालू की गई, क्षतिग्रस्त पीवीसी लाइनर पर दबाव बढ़ने से पानी तेजी से बाहर निकलने लगा। इसके बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर टंकी फटने का दावा किया गया।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि पूरी साजिश गांव के प्रधान और जलापूर्ति व्यवस्था को बदनाम करने के उद्देश्य से रची गई थी। उनका आरोप है कि जानबूझकर टंकी को नुकसान पहुंचाकर विकास कार्यों को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया गया।

उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जल निगम (ग्रामीण) ने भी स्वतंत्र जांच कराई। टंकी निर्माण से जुड़ी कंपनी वेदांटेक के इंजीनियर मनीष कुमार ने निरीक्षण के दौरान पाया कि टंकी के भीतर लगा पीवीसी लाइनर किसी धारदार हथियार से काटा गया था। जांच रिपोर्ट में इसे मानवकृत क्षति बताया गया है।

घटना के बाद जल निगम ग्रामीण ने मेघा इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का दावा है कि ग्रामीणों को जल्द से जल्द नियमित पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करा दी जाएगी।

पुलिस ने आरोपी प्रमोद शुक्ला और निहाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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