तीन हत्याओं के बाद भी नहीं कोई पछतावा: सुधार गृह में बॉडी बनाने में जुटा आरोपी…….

📍 पिता को ना मार पाने का मलाल

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गोरखपुर ट्रिपल मर्डर: तीन हत्याओं के बाद भी नहीं पछतावा, बाल सुधार गृह में बॉडी बनाने में जुटा नाबालिग आरोपी; चार दिन में पुलिस ने तैयार की चार्जशीट

गोरखपुर, 28 जून 2026।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। बड़े भाई, भाभी और तीन वर्षीय भतीजे की निर्मम हत्या के आरोप में बाल सुधार गृह भेजे गए 16 वर्षीय नाबालिग आरोपी के व्यवहार ने पुलिस और विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। वह बाल सुधार गृह में अन्य बाल अपचारियों के साथ हंसी-मजाक करता है, समय पर खाना मिलने की बात कहता है और रोज सुबह-शाम शरीर बनाने के लिए व्यायाम भी कर रहा है।

यहां बताते चलें कि 22 जून की रात करीब तीन बजे बांसगांव के बलुआ बुजुर्ग गांव में आरोपी ने अपने बड़े भाई अमित गुप्ता (35), भाभी रंजना (32) और तीन वर्षीय भतीजे रेयांश की सोते समय गंडासे और लोहे की रॉड से बेरहमी से हत्या कर दी थी। कमरे में मौजूद नौ वर्षीय भतीजी ज्योति को उसने जान से मारने की धमकी देते हुए उसके मुंह पर कपड़ा बांध दिया और उसे छोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी ने घर के आंगन में आराम से स्नान किया, कपड़े बदले और फिर छत पर बैठकर मोबाइल पर फिल्म ‘धुरंधर’ का गाना सुनता रहा। पुलिस ने मौके से ही उसे हिरासत में ले लिया था और अगले दिन किशोर न्यायालय के आदेश पर बाल सुधार गृह भेज दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक बाल सुधार गृह में आरोपी अक्सर कहता है कि उसे इस घटना का कोई अफसोस नहीं है। वह यहां समय पर भोजन मिलने की बात करता है और बार-बार अतिरिक्त भोजन की मांग भी करता है। इतना ही नहीं, उसने नियमित रूप से एक्सरसाइज शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वह यह भी कहता है कि उसे केवल इस बात का मलाल है कि वह अपने पिता को भी अपनी योजना के अनुसार नहीं मार सका। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से उस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच में गोरखपुर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज चार दिनों के भीतर चार्जशीट तैयार कर ली है। पुलिस ने घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, हत्या में प्रयुक्त गंडासा और लोहे की रॉड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर आरोपी को जल्द से जल्द दंड दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी नौ वर्षीय बच्ची ज्योति है, जिसने अपनी आंखों के सामने अपने माता-पिता और छोटे भाई की हत्या होते देखी। पुलिस को दिए बयान में उसने बताया कि रात में तेज आवाज सुनकर उसकी आंख खुली तो देखा कि उसके चाचा उसके पिता की गर्दन पर गंडासे से हमला कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने उसकी मां के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया और फिर गंडासे से गर्दन काट दी। बच्ची ने बताया कि वह अपने छोटे भाई रेयांश को बचाने के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन आरोपी ने मासूम की भी निर्ममता से हत्या कर दी।

ज्योति ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद आरोपी ने उसके मुंह पर कपड़ा बांध दिया और धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसका भी यही हाल करेगा। इसके बाद वह स्नान करके छत पर बैठ गया और मोबाइल पर गाने सुनने लगा। किसी तरह बच्ची अपने दादा-दादी के पास पहुंची और पूरी घटना बताई। कमरे में तीनों शव देखकर दादी बेहोश हो गईं, जबकि दादा ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्ची के बताए अनुसार पड़ोसी की छत के रास्ते आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

मामले की जांच के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पढ़ाई में काफी तेज था और पांचवीं तक हर वर्ष प्रथम आता था। उसका सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का था, लेकिन आर्थिक तंगी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छूट गई। बाद में मजदूरी करते हुए पढ़ाई जारी रखने की कोशिश की, लेकिन दसवीं में असफल हो गया। इसके बाद परिवार के तानों और कथित उपेक्षा से वह मानसिक रूप से आक्रोशित रहने लगा। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और आरोपी के सभी दावों का परीक्षण किया जा रहा है।

मृतक अमित गुप्ता के पिता हरीलाल ने मुख्यमंत्री से आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि बेटे को किसी से नाराजगी थी तो उन्हें मारता, लेकिन उसने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। उन्होंने बताया कि वह स्वयं कैंसर से पीड़ित हैं और पत्नी का हृदय रोग का इलाज चल रहा है। वहीं, मां अनीता देवी बेटे, बहू और पोते को खोने के सदमे से बार-बार बेसुध हो रही हैं।

दूसरी ओर, मासूम ज्योति की पीड़ा हर किसी की आंखें नम कर रही है। उसने कहा कि उसके माता-पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे और हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे। अब वह बार-बार यही सवाल पूछ रही है कि उसे डॉक्टर बनने का सपना दिखाने वाले मम्मी-पापा अब वापस कैसे आएंगे।

एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए गए हैं और सभी आवश्यक साक्ष्यों के साथ चार्जशीट तैयार कर ली गई है। इसे शीघ्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा ताकि मामले में त्वरित सुनवाई हो सके।

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