Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

प्रतिष्ठित कंपनियों के सीईओ बनकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गैंग का शातिर सदस्य गिरफ्तार, बस्ती साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बस्ती, 30 जून 2026।
जनपद बस्ती की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो देशभर की प्रतिष्ठित कंपनियों के डायरेक्टर और सीईओ का प्रतिरूपण (Impersonation) कर बैंकों के शाखा प्रबंधकों को व्हाट्सएप कॉल और संदेश के जरिए झांसे में लेकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस ने गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न बैंकों के खातों के दस्तावेज और नकदी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई 2025 को बस्ती शहर स्थित बालकराम महादेव प्रसाद सर्राफ फर्म के संचालक प्रज्ज्वल गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी दुकान से 10-10 ग्राम के सोने के सिक्के खरीदे और 2,06,650 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया। बाद में लेन-देन संदिग्ध पाए जाने पर ट्रांजेक्शन को फ्रीज कराया गया। मामले की जांच के बाद साइबर क्राइम थाना बस्ती में मुकदमा संख्या 33/2025, धारा 319(2), 318(4) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी सदर सत्येन्द्र भूषण तिवारी के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक राम कुमार राजभर के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना की टीम लगातार इस गिरोह की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अमहट के पास से गिरोह के सक्रिय सदस्य अमन मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामदगी में मिले बैंक खातों के दस्तावेज
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 2,500 रुपये नकद, दो आधार कार्ड तथा 16 विभिन्न बैंक खातों के स्टेटमेंट बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस अब गिरोह के आर्थिक नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है।
ऐसे देते थे करोड़ों की ठगी को अंजाम
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उनका एक संगठित साइबर गिरोह है। सबसे पहले गिरोह के सदस्य अपने वास्तविक पते को छिपाने के लिए आधार कार्ड में फर्जी पता दर्ज कराते हैं और उसी आधार पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते हैं।
इसके बाद इंटरनेट, गूगल और अन्य ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म से देश की बड़ी कंपनियों के डायरेक्टर एवं सीईओ की जानकारी जुटाई जाती है। उनके नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों को कॉल या संदेश किया जाता है। आरोपी स्वयं को कंपनी का डायरेक्टर या सीईओ बताकर यह कहते हैं कि वे किसी जरूरी कार्य से बाहर हैं और एक खाते में तत्काल आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से धनराशि भेजनी है। साथ ही यह भरोसा दिलाया जाता है कि शाखा में पहुंचकर बाद में सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर देंगे।
कई मामलों में बैंक प्रबंधक इस झांसे में आकर गिरोह द्वारा बताए गए खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य एटीएम, चेक और यूपीआई के माध्यम से रकम निकाल लेते थे।
आरोपी ने यह भी बताया कि यदि किसी खाते से तत्काल नकदी निकालना संभव नहीं होता था तो ठगी की रकम से प्रतिष्ठित ज्वैलरी दुकानों से ऑनलाइन भुगतान कर सोने के सिक्के खरीद लिए जाते थे, जिससे धन को आसानी से ठिकाने लगाया जा सके।
अब तक चार आरोपी सामने आए
पुलिस के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार अमन मिश्रा निवासी थाना मनकापुर, जनपद गोण्डा के अलावा विशाल वर्मा, श्रीकांत वर्मा तथा सोनू कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की भी गहन जांच कर रही है।
साइबर पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
इस कार्रवाई को साइबर अपराध के विरुद्ध बस्ती पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक राम कुमार राजभर के नेतृत्व में निरीक्षक भगवान सिंह, हेड कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी, कांस्टेबल अमित झा एवं महिला कांस्टेबल रानी की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है तथा जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
NGV PRAKASH NEWS