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बाराबंकी में युवक की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव: SHO के सिर पर लगा पत्थर, बेहोश होकर गिरे, दो घंटे बाद खुला हाईवे
बाराबंकी 30 जून 2026।
जिले के रामनगर क्षेत्र में 21 वर्षीय पॉलिटेक्निक छात्र की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया, जिसमें रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह घायल होकर बेहोश हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पथराव के दौरान एक पत्थर थाना प्रभारी के सिर पर लगा, जिससे वह सड़क पर ही गिर पड़े। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल भीड़ से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा और अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी।
सुबह फंदे से लटका मिला था छात्र का शव
रामनगर कोतवाली क्षेत्र के कटियारा गांव निवासी जितेंद्र चौहान (21) पॉलिटेक्निक का छात्र था। सोमवार सुबह उसका शव घर के एक कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिला। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रेम प्रसंग को लेकर हत्या का आरोप
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। परिजनों का आरोप है कि जितेंद्र का गांव की एक युवती से प्रेम संबंध था, जिसका युवती के परिवार वाले विरोध करते थे। उनका दावा है कि सोमवार रात युवती के परिजनों ने जितेंद्र की पिटाई कर उसकी हत्या कर दी और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया।
परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ग्रामीणों के साथ हाईवे जाम कर दिया। देखते ही देखते करीब 500 लोग प्रदर्शन में शामिल हो गए और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
समझाने पहुंचे थाना प्रभारी, लेकिन बिगड़ गए हालात
सूचना मिलने पर रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह करीब 25 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में मसौली थाने से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई।
जब पुलिस ने जाम हटवाने और शव को सड़क से हटाने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले में थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
अतिरिक्त फोर्स और अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम रामनगर आनंद कुमार तिवारी और क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कराई और करीब दो घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल कराया। एहतियात के तौर पर गांव और हाईवे के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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