NGV PRAKASH NEWS

दौसा (राजस्थान), 1 जुलाई।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने आठ परिवारों की खुशियां छीन लीं। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री घायल हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, हादसा कोलवा थाना क्षेत्र में रात करीब 2:30 बजे हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बस चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही पलों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में छह यात्रियों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि दो लोगों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया। कई बच्चे भी घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि बस करीब एक घंटे तक धू-धू कर जलती रही और इसी दौरान अंदर फंसे यात्रियों को बचाने का प्रयास किया गया। आग की भयावहता के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने दावा किया कि बस का इमरजेंसी गेट समय पर नहीं खुला, जिसके कारण कई यात्री बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि बस की डिक्की में सिगरेट के बॉक्स भरे हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण किया, हालांकि पुलिस ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे के दोनों ओर यातायात रोक दिया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जले हुए वाहनों को हटाकर रास्ता बहाल किया जा सका।
फिलहाल पुलिस आग लगने के वास्तविक कारणों, इमरजेंसी गेट के काम न करने और बस में कथित रूप से रखे गए सिगरेट के बॉक्स की जांच कर रही है।
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