NGV PRAKASH NEWS

बिजली पोल से 25 फीट नीचे गिरा संविदा कर्मी, सुरक्षा उपकरण नहीं होने से गंभीर घायल, विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बस्ती, उत्तर प्रदेश | 16 अगस्त 2026
बस्ती जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांधीनगर-1 क्षेत्र में इंडिया फैमिली मार्ट के सामने अमहट फीडर पर काम कर रहा एक संविदा कर्मचारी करीब 25 फीट ऊंचे बिजली पोल से नीचे गिर गया। हादसे में कर्मचारी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घायल को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
अमहट फीडर पर काम करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार विनय कुमार श्रीवास्तव नामक संविदा कर्मी अमहट फीडर पर बिजली पोल में मरम्मत का काम कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक असंतुलित होकर करीब 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। कर्मचारी के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय कर्मचारी के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं थे। बताया गया कि उसके सिर पर हेलमेट, हाथों में ग्लव्स और पैरों में सेफ्टी शूज नहीं थे। हालांकि, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं और हादसे के समय उनका इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ, यह जांच का विषय है।
सिर में आई गंभीर चोट, जिला अस्पताल में इलाज जारी
पोल से गिरने के बाद विनय कुमार श्रीवास्तव के सिर में गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए घायल कर्मचारी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। हादसे के बाद कर्मचारी की स्थिति को लेकर परिजनों और परिचितों में चिंता बनी हुई है।
संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने बिजली विभाग में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊंचाई पर बिजली के पोल और लाइनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लव्स, सेफ्टी शूज सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में यदि कर्मचारी बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के ऊंचाई पर काम कर रहा था, तो यह विभागीय सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमी मानी जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को ऐसे मामलों में केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की जान जोखिम में न पड़े।
घायल कर्मचारी के इलाज और जिम्मेदारी तय करने की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घायल संविदा कर्मचारी के इलाज का पूरा खर्च विभाग द्वारा उठाया जाए और हादसे की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। लोगों का कहना है कि बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए दिन-रात काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
फिलहाल हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की बात सामने आ रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।
NGV PRAKASH NEWS