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सांकेतिक चित्र……..
कल का मौसम: यूपी-एमपी समेत 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश के आसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026।
सितंबर की शुरुआत में देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार 3 सितंबर को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। सबसे गंभीर स्थिति पूर्वी मध्य प्रदेश में रहने की संभावना है, जहां कुछ स्थानों पर 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए यहां अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है, जिसके कारण वातावरण में नमी बढ़ी हुई है और कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा
मध्य प्रदेश में मानसून का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। मौसम खराब रहने के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी हिस्से में ज्यादा बारिश
उत्तर प्रदेश में भी गुरुवार को मौसम का मिजाज बदला रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई जिलों में तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां पश्चिमी हिस्से की तुलना में कम रह सकती हैं। हालांकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
बस्ती, गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में स्थानीय मौसम के अनुसार बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है। लोगों को जिलेवार मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR में बारिश से मिलेगी राहत
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी 3 सितंबर को बादल छाए रहने और कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। सुबह से दोपहर के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद शाम तक कुछ इलाकों में फुहारें पड़ सकती हैं।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश से पिछले दिनों की उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि तेज बारिश के दौरान दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर जलभराव और यातायात की रफ्तार धीमी होने की समस्या सामने आ सकती है।
विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी 3 सितंबर को मौसम सक्रिय रहेगा। यहां कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि मराठवाड़ा में छिटपुट बारिश का अनुमान है। कोंकण और गोवा में भी कई स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है।
भारी बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 3 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
पहाड़ी नदियों और नालों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों और पहाड़ी मार्गों से यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
गांगेय पश्चिम बंगाल में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बिहार और झारखंड में भी बारिश
बिहार में 3 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। झारखंड में बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
दोनों राज्यों में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश से बढ़ेगी परेशानी
उत्तराखंड में 3 सितंबर को कई स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, बोल्डर गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी राजस्थान में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी
पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में व्यापक बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने और निचले क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून
उत्तर और मध्य भारत के मुकाबले दक्षिण भारत में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि तमिलनाडु के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
तिरुवन्नामलाई, विल्लुपुरम, मदुरई, शिवगंगा और पुदुक्कोट्टई में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। पुडुचेरी में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
चेन्नई में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम या रात के समय कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
समुद्र में तेज हवाओं का खतरा, मछुआरों को चेतावनी
दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर के आसपास समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसी तरह बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों और अंडमान सागर में भी तेज हवाएं चलने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान है।
खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
इन इलाकों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर
3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का सबसे बड़ा खतरा है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, बिजली चमकने पर खुले स्थानों से दूर रहने तथा नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने की अपील की है |
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