मानसिक परेशानी किसी भी व्यक्ति की कमजोरी नहीं है और मदद मांगना बिल्कुल सही कदम है-डॉ. ए.के.दुबे…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात जरूरी, मदद मांगना कमजोरी नहीं : डॉ. ए.के. दुबे

बस्ती, 10 सितंबर 2026।

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जनपद बस्ती में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम को लेकर पिछले पांच वर्षों से निरंतर जागरूकता अभियान चला रहे मनोचिकित्सक डॉ. ए.के. दुबे ने लोगों से मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर समय रहते विशेषज्ञ की सहायता लेने की अपील की है।

डॉ. ए.के. दुबे के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों के दौरान जनप्रतिनिधियों, पत्रकार बंधुओं और आम जनमानस के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, लोगों को परामर्श उपलब्ध कराने तथा भावनात्मक संकट से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. दुबे का कहना है कि मानसिक परेशानी किसी भी व्यक्ति की कमजोरी नहीं है और मदद मांगना बिल्कुल सही कदम है। मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता अथवा भावनात्मक संकट को समय रहते समझना और उसका उचित उपचार कराना बेहद जरूरी है। उनका उद्देश्य केवल मानसिक रोगों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्याप्त झिझक और कलंक को कम करना भी रहा है।

पिछले पांच वर्षों की इस मुहिम के दौरान लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, लगातार उदासी, अत्यधिक तनाव अथवा भावनात्मक संकट दिखाई देने पर उसकी परेशानी को छोटा समझने के बजाय उसकी बात सुनना और उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

एक संवेदनशील बातचीत भी बन सकती है सहारा

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर डॉ. ए.के. दुबे ने संदेश दिया कि किसी परेशान व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। उसकी बात धैर्यपूर्वक सुनें, उसकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें और आवश्यकता पड़ने पर उसे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेने के लिए प्रेरित करें। कई बार किसी व्यक्ति के साथ की गई एक संवेदनशील बातचीत भी उसके लिए बड़ा सहारा साबित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि समाज को ऐसा वातावरण तैयार करने की जरूरत है, जहां मानसिक स्वास्थ्य पर बिना झिझक बातचीत हो और किसी व्यक्ति को सहायता मांगने में संकोच न हो।

Tele-MANAS से 24 घंटे मिल सकती है मानसिक स्वास्थ्य सहायता

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा Tele-MANAS सेवा शुरू की गई है। केंद्रीय बजट 2022 में इसकी घोषणा के बाद 10 अक्टूबर 2022 को यह सेवा शुरू की गई थी।

Tele-MANAS हेल्पलाइन नंबर : 14416

यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोग इस हेल्पलाइन के माध्यम से काउंसलिंग प्राप्त कर सकते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से भी जोड़े जा सकते हैं।

डॉ. ए.के. दुबे ने लोगों से अपील की कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी को छिपाने या सहने के बजाय समय रहते सहायता लें।

संदेश स्पष्ट है—मानसिक स्वास्थ्य की समस्या हो तो चुप न रहें। बात करें, मदद लें और जरूरतमंद का साथ दें।

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