एक पाण्डेय परिवार ऐसा भी… चारों बच्चे दिव्यांग, पिता लकवाग्रस्त, खुद दिव्यांग मां मजदूरी कर भर रही परिवार का पेट- एक बार फिर आगे आए समाज सेवी मनीष मिश्रा…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

एक पाण्डेय परिवार ऐसा भी… चारों बच्चे दिव्यांग, पिता लकवाग्रस्त, खुद दिव्यांग मां मजदूरी कर भर रही परिवार का पेट

बस्ती, 12 सितंबर 2026।

बस्ती जिले के नगर पंचायत नगर के वार्ड नंबर-10 भगत सिंह नगर अंतर्गत भैरोपुर गांव में एक ऐसा परिवार सामने आया है, जिसकी जिंदगी की मुश्किलें देखकर हर किसी का दिल भर आए। पाण्डेय परिवार के चारों बच्चे दिव्यांग हैं। बच्चे न ठीक से चल पाते हैं और न ही बोल पाते हैं। परिवार के मुखिया भी पैरालिसिस की बीमारी से जूझ चुके हैं, जबकि परिवार की मां खुद दिव्यांग होने के बावजूद मजदूरी कर बच्चों का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

परिवार के पास न अपना पक्का मकान है और न ही आशियाना बनाने के लिए जमीन का कोई टुकड़ा। आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बनी हुई हैं। परिवार की मां किसी तरह मजदूरी करके घर का खर्च चलाती हैं। जब मजदूरी नहीं मिलती तो बच्चों का पेट भरने के लिए उन्हें मजबूरी में लोगों से मदद मांगनी पड़ती है।

परिवार के मुखिया को कुछ समय पहले पैरालिसिस का सामना करना पड़ा था। उपचार के बाद वह अब किसी तरह चल पा रहे हैं, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। चारों दिव्यांग बच्चों की देखभाल और उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी परिवार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

जहां भाजपा ने अपने राष्ट्रीय महामंत्री के स्वागत में करोड़ो रुपए पानी की तरह बहा दिया वहीं पर एक बेबस परिवार की सहायता के लिए किसी की जेब से ₹1 नहीं निकला न किसी ने इस परिवार की सुध ली |

👉तब उनकी सहायता के लिए आगे आई सेवा समर्पण भाव परिवार की टीम

📍परिवार की इस स्थिति की जानकारी मिलने के बाद सेवा समर्पण भाव परिवार की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने परिवार की स्थिति का जायजा लिया और तत्काल सहायता के रूप में खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराने के साथ दो हजार रुपये की आर्थिक मदद भी की। टीम के सदस्यों ने परिवार की परिस्थितियों को बेहद चिंताजनक बताते हुए आगे भी यथासंभव सहयोग करने की बात कही।

💥वहीं, परिवार की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद बस्ती निवासी पहल के मनीष मिश्रा ने भी मानवीय पहल की है। उन्होंने परिवार को हर महीने दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने, दो कमरों का मकान बनवाने तथा परिवार के एक सदस्य को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी उपलब्ध कराने का वादा किया है। मनीष मिश्रा की इस पहल से लंबे समय से अभाव में जीवन गुजार रहे परिवार के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगी है।

👉मनीष मिश्रा ने कहा है कि दो-चार दिनों के अंदर ही दो कमरों के मकान का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा |

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना बेहद जरूरी है। ऐसे परिवारों को आवास, राशन, पेंशन और दिव्यांगजन कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन को भी आगे आकर उनकी स्थिति का सत्यापन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

भैरोपुर का यह परिवार आज भी अपने लिए एक सुरक्षित छत और बेहतर भविष्य की उम्मीद लगाए बैठा है। चार दिव्यांग बच्चों, बीमारी से जूझ चुके पिता और खुद दिव्यांग मां के संघर्ष की यह कहानी बताती है कि समाज में आज भी ऐसे परिवार मौजूद हैं, जिन्हें सरकारी योजनाओं के साथ-साथ इंसानी संवेदना और सामूहिक सहयोग की भी जरूरत है।

पता—भैरोपुर गांव, वार्ड नंबर-10, भगत सिंह नगर, नगर पंचायत नगर, जनपद बस्ती, उत्तर प्रदेश।

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