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UPI से भुगतान पर 15 अक्टूबर से बदलेंगे नियम, छोटे दुकानदारों पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क; 8 सवालों में समझें नया MDR
नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026
UPI से भुगतान करने वाले आम ग्राहकों और छोटे कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। 15 अक्टूबर 2026 से UPI के कुछ कारोबारी लेनदेन पर नया MDR (Merchant Discount Rate) ढांचा लागू किया जाएगा। हालांकि, आम ग्राहकों के बीच पैसे भेजने वाले UPI ट्रांजैक्शन और छोटे दुकानदारों से जुड़े अधिकांश भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की ओर से जानकारी जारी किए जाने के बाद वित्त मंत्रालय ने नए शुल्क ढांचे को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियमों में लेनदेन की श्रेणी और राशि के आधार पर MDR तय किया गया है।
1. दोस्त को UPI से पैसे भेजने पर कितना चार्ज लगेगा?
दोस्त, रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति को Person-to-Person (P2P) तरीके से UPI के जरिए पैसे भेजने पर इस नए MDR का शुल्क नहीं लगेगा। यानी सामान्य व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI भुगतान पर ग्राहक को MDR नहीं देना होगा।
2. छोटे दुकानदारों को कितना शुल्क देना होगा?
महीने में एक लाख रुपये तक UPI भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे दुकानदारों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों के डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है।
NPCI के अनुसार, नई व्यवस्था से करीब 95 प्रतिशत छोटे UPI लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।
3. 2,000 रुपये तक के भुगतान का क्या होगा?
अधिकांश कारोबारी UPI लेनदेन में 2,000 रुपये तक की राशि पर MDR नहीं लगेगा। इसलिए रोजमर्रा की छोटी खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर सामान्य तौर पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं आएगा।
4. रेलवे, बीमा और ईंधन का भुगतान महंगा होगा?
रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसी चिन्हित श्रेणियों में 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन आवश्यक सेवाओं और कम मार्जिन वाले कारोबारों में भुगतान लागत को सीमित रखना इसका उद्देश्य है।
5. बड़े कारोबारी भुगतान पर कितना MDR लगेगा?
अन्य बड़े व्यापारिक लेनदेन में 2,000 रुपये से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है।
हालांकि, 75,000 रुपये से अधिक की राशि के भुगतान पर भी अधिकतम 300 रुपये प्रति लेनदेन की सीमा रखी गई है।
6. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े भुगतान पर क्या शुल्क होगा?
म्यूचुअल फंड, प्रतिभूति, स्टॉक ब्रोकर और डीलरों को किए जाने वाले भुगतान को अलग श्रेणी में रखा गया है। इन पर 0.02 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है और इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन होगी।
7. क्या ग्राहक से यह शुल्क सीधे वसूला जाएगा?
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि बैंकों को सलाह दी गई है कि व्यापारी MDR का बोझ सीधे ग्राहक पर न डालें। UPI ऐप संचालक प्लेटफॉर्म शुल्क या छिपे हुए चार्ज भी नहीं लगा सकेंगे।
हालांकि, कंपनियां भविष्य में बढ़े हुए MDR की लागत ग्राहकों तक किसी अन्य तरीके से पहुंचाती हैं या नहीं, इस बारे में सरकार या NPCI की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
8. क्या UPI इस्तेमाल करने की कोई मासिक सीमा होगी?
आम उपयोगकर्ता के लिए मुफ्त UPI भुगतान पर कोई मासिक कोटा, मात्रा सीमा या स्लैब नहीं होगा। वहीं बैंक और NPCI द्वारा निर्धारित दैनिक लेनदेन सीमाएं सुरक्षा और जोखिम नियंत्रण के लिए होंगी, शुल्क वसूलने के लिए नहीं।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों में यह दैनिक सीमा एक लाख से पांच लाख रुपये तक हो सकती है।
नया ढांचा 15 अक्टूबर से होगा लागू
नए MDR ढांचे का उद्देश्य बड़े कारोबारी भुगतान से जुड़ी लागत व्यवस्था को बदलना है, जबकि छोटे डिजिटल भुगतान और आम उपभोक्ताओं के सामान्य UPI इस्तेमाल को शुल्क के अतिरिक्त बोझ से बचाना है। छोटे व्यापारियों और छोटे बाजारों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए अलग फंड बनाने की भी घोषणा की गई है।
NPCI का कहना है कि नई व्यवस्था के बाद भी UPI की लागत डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और वॉलेट जैसे अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों की तुलना में कम रहने की उम्मीद है।
👉 लगने वाला चार्ज घूम फिर कर आम जनता पर ही पड़ेगा
इस मामले में आम लोगों का कहना है कि सरकार का यह नियम घूम कर आम जनता को ही भारी पड़ेगा, क्योंकि कोई भी दुकानदार या तो कैश मांगेगा या तो फिर इस पर लगने वाला चार्ज वह आम आदमी के बिल में पहले से जोड़ लेगा |
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