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76 की उम्र में भी चुस्त-दुरुस्त कैसे रहते हैं प्रधानमंत्री मोदी? जानिए उनकी दिनचर्या से जुड़ी 5 आदतें
नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। राजनीतिक रूप से कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री मोदी के विचारों और फैसलों का समर्थन करे या विरोध, यह अलग विषय है, लेकिन उनकी व्यस्त दिनचर्या और इस उम्र में भी सक्रिय रहने की क्षमता अक्सर चर्चा का विषय रहती है। लगातार यात्राएं, सार्वजनिक कार्यक्रम और लंबे कार्यदिवस के बावजूद उनकी सक्रियता को लेकर लोग उनकी फिटनेस और दिनचर्या के बारे में जानना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की फिटनेस को लेकर सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी में किसी महंगे उपकरण या बेहद कठिन वर्कआउट के बजाय योग, नियमित शारीरिक गतिविधि, नियंत्रित खानपान और अनुशासित दिनचर्या पर जोर दिखाई देता है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के लिए फिटनेस का रूटीन उसकी उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता के अनुरूप होना चाहिए।
योग और प्राणायाम से दिन की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से योग, प्राणायाम और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताते रहे हैं। योग शरीर को सक्रिय रखने के साथ लचीलेपन और संतुलन में मदद कर सकता है, जबकि प्राणायाम और ध्यान तनाव प्रबंधन में उपयोगी हो सकते हैं।
मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को बढ़ावा देने में भी सक्रिय भूमिका निभाई है और 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में नियमित रूप से हिस्सा लेते रहे हैं।
शरीर को एक्टिव रखना जरूरी
फिट रहने के लिए केवल जिम में घंटों कसरत करना जरूरी नहीं है। नियमित पैदल चलना और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियों को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी की दिनचर्या में सैर और योग जैसी गतिविधियों का उल्लेख सार्वजनिक रूप से होता रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ नियमित और अपनी क्षमता के अनुरूप शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय दिनभर में शरीर को सक्रिय रखना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है।
सादा और नियंत्रित खानपान
प्रधानमंत्री मोदी के खानपान को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक वे शाकाहारी भोजन लेते हैं और भोजन में सादगी तथा मात्रा पर नियंत्रण को महत्व देते हैं। फिटनेस के लिए महंगे या विशेष भोजन से ज्यादा महत्वपूर्ण संतुलित और पौष्टिक आहार है।
जरूरत से अधिक भोजन करने से बचना, पर्याप्त पौष्टिक तत्व लेना और शरीर की आवश्यकता के अनुसार भोजन करना स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है।
उपवास और भोजन का अनुशासन
प्रधानमंत्री मोदी नवरात्र जैसे अवसरों पर उपवास रखने के लिए भी जाने जाते हैं। हालांकि उपवास हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होता। खासकर डायबिटीज, किडनी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक उपवास या खानपान में बड़ा बदलाव नहीं करना चाहिए।
भोजन का समय नियमित रखना और अनावश्यक रूप से बार-बार खाने से बचना भी कई लोगों के लिए उपयोगी दिनचर्या हो सकती है।
नींद, अनुशासन और निरंतरता
फिटनेस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा किसी एक दिन की कसरत नहीं बल्कि निरंतरता है। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना लंबे समय तक स्वस्थ रहने में मदद करता है।
प्रधानमंत्री मोदी की दिनचर्या से जुड़ी सबसे बड़ी सीख यही है कि फिटनेस के लिए जरूरी नहीं कि कोई व्यक्ति कठिन लक्ष्य से शुरुआत करे। अपनी क्षमता के अनुसार रोजाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या अपनाकर भी स्वस्थ जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, किसी सार्वजनिक व्यक्ति की दिनचर्या को हूबहू अपनाना उचित नहीं है। हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, दवाएं और शारीरिक क्षमता अलग होती है। इसलिए व्यायाम, उपवास या डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
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