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कोयंबटूर से यूपी एटीएस के हत्थे चढ़ा संदिग्ध आतंकी मकसूद, सिद्धार्थनगर के मधवापुर गांव में पसरा सन्नाटा
सिद्धार्थनगर, 18 सितंबर 2026
तमिलनाडु के कोयंबटूर से यूपी एटीएस द्वारा 14 सितंबर को गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकवादी मकसूद का संबंध सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र स्थित मधवापुर गांव से सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद मकसूद के परिजन सदमे में हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनका बेटा कब और कैसे कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया।
19 वर्षीय मकसूद की गिरफ्तारी से परिवार हैरान
मधवापुर गांव निवासी 19 वर्षीय मकसूद तीन बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर का है। उसकी दो बड़ी बहनें, एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। करीब तीन वर्ष पहले उसके पिता अब्दुल कुद्दूस के कूल्हे की हड्डी में गंभीर परेशानी हो गई थी, जिसके बाद वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए।
परिजनों के मुताबिक मकसूद ने बांसी तहसील स्थित तिलक इंटर कॉलेज से कक्षा 9 तक पढ़ाई की थी। दसवीं कक्षा में प्रवेश के लिए करीब एक हजार रुपये की फीस की व्यवस्था न हो पाने के कारण वह आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख सका। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसने रोजगार की तलाश शुरू कर दी।
करीब तीन महीने पहले मकसूद एक रिश्तेदार के साथ कारपेंटर का काम करने के लिए घर से बाहर चला गया। बताया गया कि वह पहले मुंबई गया, इसके बाद गुजरात और फिर तमिलनाडु पहुंचा था। इसी दौरान कोयंबटूर में यूपी एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया।
मां बोलीं- बेटा मोबाइल पर पढ़ाई करने की बात कहता था
मकसूद की मां ने बताया कि उनका बेटा स्वभाव से बेहद सीधा-सादा था। वह घर से स्कूल और स्कूल से घर आता था तथा ज्यादातर समय घर पर ही मोबाइल चलाता रहता था। मोबाइल के अधिक इस्तेमाल को लेकर मां उसे कई बार टोकती थीं। इस पर मकसूद उनसे कहता था कि वह मोबाइल पर पढ़ाई कर रहा है।
मां के मुताबिक मकसूद की गांव या गांव के बाहर किसी से ज्यादा दोस्ती नहीं थी। उनका कहना है कि उन्होंने कभी किसी बाहरी व्यक्ति या युवक को मकसूद से मिलने के लिए उसके घर आते नहीं देखा।
परिवार का कहना है कि घर की आर्थिक स्थिति को लेकर मकसूद परेशान रहता था। भाई-बहनों की पढ़ाई और घर के खर्च को देखते हुए उसने काम करने का फैसला किया था। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी की खबर ने पूरे परिवार को स्तब्ध कर दिया है। उसकी मां को अब भी उम्मीद है कि जांच के बाद उनका बेटा जल्द घर लौट आएगा।
दादी को भी नहीं हो रहा गिरफ्तारी पर विश्वास
मकसूद अपनी दादी के बेहद करीब बताया जाता है। पोते की गिरफ्तारी की खबर सुनकर दादी भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि मकसूद सीधा-सादा और अपने काम से काम रखने वाला लड़का था। वह स्कूल से आने के बाद ज्यादातर समय मोबाइल पर ही लगा रहता था। जब उससे मोबाइल चलाने का कारण पूछा जाता तो वह पढ़ाई करने की बात कहता था।
दादी के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ही मकसूद करीब तीन महीने पहले रिश्तेदार के साथ काम की तलाश में बाहर गया था। पहले वह मुंबई, फिर गुजरात और बाद में तमिलनाडु गया।
ग्राम प्रधान पति बोले- कभी ऐसी गतिविधि का अंदेशा नहीं हुआ
गांव के प्रधान पति राजदेव ने बताया कि उन्हें मकसूद की गिरफ्तारी की जानकारी सुबह अखबार के माध्यम से हुई। उनके अनुसार मकसूद गांव में किसी के साथ बहुत ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था और अपने काम से काम रखता था। वह अपना अधिकांश समय घर पर ही बिताता था।
राजदेव ने कहा कि मकसूद की किसी गतिविधि से कभी ऐसा संकेत नहीं मिला, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सके कि वह इस तरह की किसी गतिविधि में शामिल हो सकता है। गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद गांव के लोग भी हैरान हैं।
गिरफ्तारी की खबर से गांव में सन्नाटा
यूपी एटीएस द्वारा मकसूद की गिरफ्तारी की जानकारी गांव में पहुंचते ही मधवापुर में सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों के बीच दिनभर इसी बात की चर्चा रही। परिवार और गांव के लोगों के मुताबिक उन्हें अब तक इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा कि मकसूद कथित आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि, यूपी एटीएस ने मकसूद को किन आरोपों और किन परिस्थितियों में गिरफ्तार किया है तथा जांच में उसके संबंधों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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