अग्नि वीरों की होगी बल्ले बल्ले; बगैर परीक्षा मिलेगा नियुक्ति पेपर…….

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अग्निवीरों के लिए बड़ा एग्जिट प्लान! 4 साल बाद नौकरी की चिंता होगी कम, 25% सेना में रहेंगे तो 75% के लिए CAPF में रास्ता तैयार

नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026।

अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होकर देशसेवा कर रहे युवाओं के लिए चार साल की सेवा पूरी होने के बाद का भविष्य सबसे बड़ा सवाल रहा है। इसी बीच अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित एग्जिट प्लान को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। योजना के मुताबिक, सेवा अवधि पूरी होने से पहले ही अग्निवीरों के अगले कदम की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी की जा रही है, ताकि उन्हें सेवामुक्ति के बाद रोजगार के लिए लंबे समय तक भटकना न पड़े।

जनवरी 2027 में पहला बड़ा बैच होगा सेवामुक्त

थल सेना में अग्निवीरों का पहला बैच जनवरी 2027 में चार वर्ष की सेवा पूरी करेगा। इसमें करीब 19 हजार से अधिक अग्निवीर शामिल बताए जा रहे हैं। शुरुआती व्यवस्था के तहत चार साल पूरे होने के बाद अग्निवीरों को सेवामुक्त किया जाना था और उनमें से 25 प्रतिशत को सेना में आगे सेवा का अवसर मिलना था।

अब जिस नए एग्जिट प्लान की चर्चा है, उसमें चार साल की सेवा पूरी होने से पहले ही आंतरिक परीक्षा और मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों का चयन करने की व्यवस्था बताई जा रही है। इससे चयनित अग्निवीरों को सेवा समाप्त होने के बाद सेना में नियमित रूप से आगे बढ़ने का रास्ता मिल सकेगा।

75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए CAPF में अवसर

सबसे अहम पहलू उन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को लेकर है, जिन्हें चार साल की सेवा के बाद सेना से बाहर आना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी CAPF में उनके पुनर्वास और नियुक्ति के लिए व्यवस्था तैयार कर रहा है।

इसके लिए सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों का विवरण पहले से उपलब्ध कराने और एक विशेष पोर्टल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य यह है कि सेना से निकलने के बाद इन युवाओं को दोबारा पूरी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत से न गुजरना पड़े और उन्हें उपलब्ध आरक्षण एवं छूट का लाभ मिल सके।

BSF, CRPF, CISF समेत इन बलों में आरक्षण

प्रस्तावित व्यवस्था में BSF, CRPF, CISF, ITBP और असम राइफल्स जैसे केंद्रीय बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान बताया गया है। सिपाही और राइफलमैन स्तर के पदों पर 50 प्रतिशत तक आरक्षण की बात सामने आई है।

इसके साथ ही कुछ भर्ती चरणों में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा तथा PET/PST से छूट दिए जाने की व्यवस्था का भी उल्लेख है। हालांकि, अलग-अलग बलों की भर्ती नियमावली और लागू अधिसूचना के अनुसार वास्तविक प्रक्रिया में अंतर हो सकता है।

रेलवे में भी आरक्षण का प्रावधान

पूर्व अग्निवीरों के लिए भारतीय रेलवे में भी रोजगार के अवसरों की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कैटेगरी-1 के पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और कैटेगरी-2 तथा उससे ऊपर के पदों पर 5 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान बताया गया है।

इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं के पास अनुशासन, शारीरिक दक्षता और सैन्य प्रशिक्षण का अनुभव होगा, जिसका उपयोग आगे सरकारी सेवाओं में किया जा सकता है।

अग्निवीरों के भविष्य पर क्या पड़ेगा असर?

यदि प्रस्तावित एग्जिट व्यवस्था इसी रूप में लागू होती है, तो चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए आगे के रोजगार के कई रास्ते खुले रहेंगे। एक तरफ चयनित 25 प्रतिशत युवाओं को सेना में आगे सेवा का अवसर मिलेगा, वहीं बाकी अग्निवीरों के लिए CAPF, रेलवे और अन्य सरकारी सेवाओं में आरक्षण एवं विशेष प्रावधान रोजगार की राह आसान कर सकते हैं।

हालांकि, 25 प्रतिशत सेना में स्थायी किए जाने और 75 प्रतिशत के लिए तत्काल सरकारी नियुक्ति-पत्र मिलने की बात को अंतिम रूप से लागू व्यवस्था मानने से पहले संबंधित मंत्रालयों की आधिकारिक अधिसूचना और भर्ती नियमों को देखना जरूरी होगा। उपलब्ध विवरणों में ‘सीधी एंट्री’ और ‘जॉइनिंग लेटर’ की भाषा है, लेकिन वास्तविक नियुक्ति संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों पर निर्भर करेगी।

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