
हल्दी घटा रही बच्चों का आईक्यू लेवल
लखनऊ 14 सितंबर 24.
आयुर्वेद में जिस हल्दी को बेहद गुणकारी बताते हुए इसे भारत का केसर कहा गया था |
इसमें एंटीबायोटिक,एंटी इन्फ्लेमेटरी, गुण के साथ-साथ कैंसर रोधी गुण भी पाए जाने के कारण आयुर्वेदिक दवाईयों में अपना खास स्थान रखती है, अब इस हल्दी के ऊपर प्रश्न चिन्ह लगा शुरू हो गया है |
मिलावट खोरों द्वारा इसमें अनेक हानिकारक रसायनों के मिला देने से यही हल्दी बच्चों के आईक्यू लेवल को घटाने का कारण बनती जा रही है
कंपनियों के हल्दी पाउडर मे खतरनाक स्तर तक लेड की मात्रा पाई गई है जो स्वास्थ्य के लिए जहर का काम कर रही है |
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा इस मामले में खाद्य एवं औषधि विभाग को हल्दी की सैंपलिंग करने का निर्देश दिया है |
खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे हैं इस अभियान में अब तक 3800 नमूनों को जांच के लिए भेजा जा चुका है |
इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि हल्दी में लेड की मिलावट का स्थिति क्या है |
मिलावटी हल्दी न केवल बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है बल्कि गर्भवती महिलाओं के ऊपर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है |
यहां बताते चलें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उत्तर प्रदेश खाद्य एवं औषधि नियंत्रण बोर्ड के साथ अपना एक प्रेजेंटेशन पेश किया जिसमें बताया गया कि बांग्लादेश जो हल्दी क्रांति का वाहक बना, मिलावट ने कैसे वहां के बच्चों का आईक्यू लेवल 7 पॉइंट तक गिरा दिया था |


