
पत्नी ने इतना परेशान किया कि 3 साल से छिपकर रह रहा था रेलकर्मी, सरकारी नौकरी छोड़ी, ड्राइवर बन गया
लखनऊ, 30 नवंबर 2024: पतियों के हाथों पत्नियों को प्रताड़ित करने के मामले तो आए दिन सामने आते रहते हैं, लेकिन शुक्रवार को एक ऐसा मामला सामने आया जो हर किसी को हैरान कर गया। आलमबाग पुलिस के हाथों में आई एक पीड़ित पति की कहानी, जो तीन साल से अपनी पत्नी द्वारा प्रताड़ित होने के कारण घर और रेलवे की नौकरी छोड़कर गुमनामी में जीवन बिता रहा था।
आलमबाग थाना प्रभारी कपिल गौतम के अनुसार, बछरावां, रायबरेली निवासी अमित कुमार रेलवे के सीएनडब्ल्यू कारखाने में तृतीय श्रेणी का कर्मचारी था। 14 सितंबर 2021 को वह अपने घर से ड्यूटी पर जाने के लिए निकला, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। उसकी पत्नी, स्वर्णिमा देवी ने 28 अक्टूबर 2024 को कोर्ट के माध्यम से उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें उसने यह आशंका जताई कि उसके पति का अपहरण किया गया हो या फिर उनकी हत्या कर दी गई हो।
इसके बाद, पुलिस की एक विशेष टीम, उपनिरीक्षक शुभम मेहंदियां के नेतृत्व में, अमित कुमार की तलाश में जुटी। तीन साल से लापता इस रेलवे कर्मी को आखिरकार शुक्रवार को आशियाना के सेक्टर जी से सकुशल बरामद किया गया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि अमित कुमार इस समय गुमनामी में रहकर एक गाड़ी चला कर अपना जीवन यापन कर रहा था।
पुलिस कस्टडी में अमित कुमार ने अपनी पीड़ा साझा की, जिससे पुलिसकर्मी भी चौंक गए। उसने बताया कि उसकी शादी को 15 वर्ष हो चुके थे, लेकिन उसकी पत्नी उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती रहती थी। वह कई बार अपनी पत्नी के साथ इस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर चुका था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अंततः तंग आकर उसने घर छोड़ने का फैसला किया। अपने ठिकाने को छिपाने के लिए उसने न केवल रेलवे की नौकरी छोड़ दी, बल्कि वह किसी को भी यह नहीं बताना चाहता था कि वह कहां है, इसलिए वह आशियाना में एक शख्स के यहां गाड़ी चलाने लगा।
यह घटना घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है। पुलिस अब इस मामले में और भी गहराई से जांच कर रही है।
समाचार स्रोत: नवभारत टाइम्स

