
Gyan Prakash Dubey
गर्भवती महिला को डोली में बैठाकर ले जाना पड़ा अस्पताल, सड़क के अभाव में आदिवासी गांवों में प्रशासन की पोल खुली
विशाखापट्टनम 2 दिसंबर 24.
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले के देवरापल्ली मंडल स्थित बोडियागारुवु गांव में सड़क और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने एक बार फिर सरकारी लापरवाही को उजागर कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में, गांव के कुछ आदिवासी लोगों को एक गर्भवती महिला को टेंपरेरी डोली में बैठाकर अस्पताल ले जाते हुए देखा गया।
गर्भवती महिला का नाम साहू श्रावणी बताया गया है, जिन्हें पेट में तेज दर्द के चलते तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता थी। गांव तक सड़क न होने और एंबुलेंस के पहुंचने में असमर्थता के कारण ग्रामीणों ने यह अस्थायी उपाय अपनाया। वीडियो में ग्रामीणों को उबड़-खाबड़ रास्तों और नदी पार करते हुए देखा जा सकता है।
गांव वालों की शिकायत:
गांव के निवासियों का कहना है कि सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें लंबे समय से ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है।
प्रशासन पर सवाल:
इस घटना ने सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आदिवासी इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमी के कारण कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई न के बराबर होती है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता का एक और उदाहरण है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है।


