
Gyan Prakash Dubey
31 साल बाद घर लौटे राजू की कहानी में नया मोड़: क्या है सच्चाई?
गाजियाबाद 3 दिसंबर 24.
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हाल ही में एक अनोखी घटना सामने आई, जब 31 साल पहले लापता हुआ राजू नामक युवक अपने परिवार से मिलने पहुंचा।
राजू के घर लौटने पर उसकी मां लीलावती ने उसे गले लगाकर खुशी के आंसू बहाए। लेकिन इस भावुक कहानी ने कुछ ही दिनों में नया मोड़ ले लिया, जब देहरादून के एक अन्य परिवार ने दावा किया कि राजू उनका बेटा है, जो पांच महीने पहले उनके साथ रह चुका है।
इस मामले ने गाजियाबाद और देहरादून की पुलिस को उलझा दिया है। हालात तब और पेचीदा हो गए, जब राजू ने पुलिस से हाथ जोड़ते हुए कहा, “मैं झाड़ू-पोंछा कर लूंगा, लेकिन मुझे थाने में ही रहने दो। अब मैं किसी के साथ नहीं जाना चाहता।” उसने यह भी कहा कि वह अब किसी का बेटा होने का दावा नहीं करेगा और यदि थाने में जगह नहीं मिले तो उसे जेल भेज दिया जाए।
👉राजू की कहानी पर उठे सवाल
पुलिस जांच में पता चला है कि राजू ने देहरादून में एक फोन का इस्तेमाल किया था, जिसकी कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वह दिल्ली में काम करने के बहाने देहरादून के कपित देव शर्मा और आशा शर्मा के साथ रहा था। शर्मा परिवार का कहना है कि राजू ने पहले खुद को उनका बेटा बताया था, लेकिन अब वह गाजियाबाद के परिवार का होने का दावा कर रहा है।
खोड़ा में रहने वाली लीलावती का कहना है कि अगर डीएनए टेस्ट से पुष्टि होती है कि राजू उनका बेटा है, तो वे उसे स्वीकार करेंगी, अन्यथा नहीं। वहीं, राजू के रहस्यमयी व्यवहार से पुलिस का शक गहराता जा रहा है।
👉कैसे लौटा राजू?
राजू ने दावा किया था कि वह 12 साल की उम्र में किडनैप हुआ था और जैसलमेर में 20 साल तक बंधक बनकर रहा। किसी तरह वह गाजियाबाद पहुंचा और अपनी मां लीलावती से मिला, जिन्होंने उसे अपना खोया बेटा मान लिया। लेकिन जल्द ही कहानी में ट्विस्ट आया, जब देहरादून से शर्मा दंपति ने गाजियाबाद पहुंचकर इस कहानी को फर्जी बताया।
👉पुलिस की सख्ती और राजू की सच्चाई
पुलिस की सख्ती के बाद राजू ने स्वीकार किया कि वह देहरादून में भी रहा था। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि राजू की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं और शहीदनगर का परिवार डीएनए टेस्ट कराने को तैयार है।
👉लोगों के मन में उठे सवाल
इस घटना ने लोगों को उलझन में डाल दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि राजू ने क्यों एक के बाद एक परिवार को अपना बताने की कोशिश की? देहरादून के परिवार ने उसे अपना बेटा मान लिया था, फिर वह वहां से क्यों भागा? और क्या इससे पहले भी उसने किसी और परिवार के साथ ऐसा किया है?
इस रहस्यमयी कहानी का सच पुलिस की जांच और डीएनए टेस्ट के बाद ही सामने आएगा। तब तक यह मामला हर किसी के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
समाज में ऐसे ठगों से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है |


