संवेदनहीनता :काशी के करोड़पति साहित्यकार श्रीनाथ खंडेलवाल का निधन, अंतिम संस्कार में भी नहीं आया परिवार

जी. पी.दुबे

काशी के करोड़पति साहित्यकार श्रीनाथ खंडेलवाल का निधन, अंतिम संस्कार में भी नहीं आया परिवार

वाराणसी, 29 दिसंबर 2024।
काशी के प्रसिद्ध साहित्यकार श्रीनाथ खंडेलवाल का शनिवार सुबह निधन हो गया। वह 80 करोड़ की संपत्ति के मालिक और 400 से अधिक किताबों के लेखक थे। लेकिन जीवन के आखिरी दिनों में वह अकेलेपन और परिवार के उपेक्षा के शिकार रहे। उनका अंतिम संस्कार भी परिवार के बिना संपन्न हुआ।

अंतिम सांस तक लेखनी रही साथ
खंडेलवाल मार्च 2024 से काशी कुष्ठ सेवा संघ वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उन्होंने अपनी अंतिम सांस शनिवार सुबह 8 बजे वाराणसी के दीर्घायु अस्पताल में ली। वृद्धाश्रम के केयरटेकर रमेशचंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, 25 दिसंबर को सीने में जकड़न, सांस की तकलीफ और किडनी की समस्या के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परिवार ने किया अनदेखा, दोस्तों ने निभाई जिम्मेदारी
उनकी मौत की खबर मिलते ही साहित्यकार अमन कबीर अपने दोस्तों के साथ अस्पताल पहुंचे और अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कीं। अमन ने बताया कि घटना की जानकारी कमिश्नर कौशल राजा शर्मा को दी गई। इसके बाद खंडेलवाल के बेटे और बेटी को सूचित किया गया।

हालांकि, बेटे ने बाहर होने का बहाना बनाया और आने से इनकार कर दिया। वहीं, बेटी ने फोन तक नहीं उठाया। अमन कबीर और अजय कुमार ने सराय मोहना घाट पर खंडेलवाल का अंतिम संस्कार किया और उन्हें मुखाग्नि दी।

80 करोड़ की संपत्ति और उपेक्षित जीवन
श्रीनाथ खंडेलवाल का जीवन साहित्य और समाज सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने 400 से अधिक किताबें लिखीं और कई सम्मान प्राप्त किए। लेकिन उनके बेटे—जो एक बड़े बिजनेसमैन हैं, और बेटी—जो सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं, ने उन्हें घर से निकाल दिया।

खंडेलवाल ने दैनिक भास्कर को दिए आखिरी इंटरव्यू में कहा था—
“पुराना कुछ मत पूछिए, वो सब अतीत है। अब नया खंडेलवाल है, जो सिर्फ किताबें लिख रहा है। जब तक सांस है, कलम चलती रहेगी।”


श्रीनाथ खंडेलवाल का जीवन समाज के लिए प्रेरणा और परिवारों के लिए चेतावनी है। करोड़ों की संपत्ति और ऊंचे ओहदों पर बैठे बच्चे होने के बावजूद, वह अपने अंतिम दिनों में अकेलेपन और तिरस्कार का शिकार हुए। उनका जीवन यह संदेश देता है कि संपत्ति से बड़ा मानवता और संवेदनशीलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *