
सूरत में पत्नी पीड़ित पतियों का प्रदर्शन, पुरुष आयोग बनाने की मांग उठी
सूरत, 29 दिसंबर 2024।
बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले ने देशभर में बहस छेड़ दी है। इसी मुद्दे को लेकर गुजरात के सूरत में रविवार को पत्नी पीड़ित पतियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कानून में महिलाओं को मिले अधिकारों के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठाए और पुरुष आयोग की स्थापना की मांग की।
अतुल सुभाष केस ने उठाए गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष के लिए न्याय की मांग की। बता दें कि अतुल ने आत्महत्या से पहले वीडियो में अपनी पत्नी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना ने महिलाओं को मिले अधिकारों के दुरुपयोग पर देशभर में बहस छेड़ दी है।
प्रदर्शनकारियों के नारे और प्लेकार्ड
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में कई प्लेकार्ड उठाए हुए थे, जिन पर लिखा था—
“Men’s Rights are Human Rights”
“Fake Cases are Crimes Against Humanity”
“Man Not ATM”
“Safe Family, Save Nation”
कई प्रदर्शनकारियों ने 2014 से 2022 तक के पुरुष आत्महत्याओं के आंकड़े भी प्रदर्शित किए और पुरुषों के लिए न्याय और सुरक्षा की मांग उठाई।
झूठे मामलों से पीड़ित पुरुषों की आवाज़
प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति चिराग ने कहा—
“हम चाहते हैं कि पुरुषों के लिए एक आयोग बनाया जाए। झूठे मुकदमों से परेशान पुरुषों को न्याय मिलना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि झूठे केस में फंसाए गए पुरुषों को कोर्ट में खुद को निर्दोष साबित करने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है, जबकि महिलाओं के लिए किसी दंड का प्रावधान नहीं है।
पुरुषों के लिए आयोग की मांग तेज
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झूठे मुकदमों के जरिए पुरुषों से पैसा वसूला जा रहा है, जिसे “अवैध उगाही” बताया गया। उन्होंने कहा कि कई पुरुष मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं और उनके परिवार भी इस यातना से गुजर रहे हैं।
अतुल सुभाष को न्याय दिलाने की अपील
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अतुल सुभाष के मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए। साथ ही, उन्होंने सरकार से अपील की कि पुरुषों के लिए एक विशेष आयोग बनाया जाए, ताकि वे भी अपनी समस्याएं रख सकें और न्याय पा सकें।
(NGV PRAKASH NEWS)

