मौसम विभाग ने क्यों कहा कि रजाई पैक करने की कर लो तैयारी

ngvprakashnews के लिए VANSHIKA विशेष रिपोर्ट

भारत में मौसम का नया मिजाज: 2025 की शुरुआत में गर्मी का संकेत, जनवरी में शीतलहर और बारिश का अलर्ट
(NGV PRAKASH NEWS)

नई दिल्ली 2 जनवरी 25.
मौसम विभाग (आईएमडी) ने वर्ष 2024 को देश के इतिहास में सबसे गर्म सालों में से एक बताया है। 123 वर्षों के रिकॉर्ड में यह सबसे गर्म साल रहा। हालांकि, दिसंबर के आखिरी पखवाड़े में ठंड ने दस्तक दी, लेकिन अब मौसम विभाग ने 2025 की शुरुआत में ही गर्मी का एहसास होने की भविष्यवाणी की है।

जनवरी से गर्मी की शुरुआत का अनुमान

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि जनवरी से मार्च तक देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कम रह सकता है, लेकिन बाकी देश में अपेक्षाकृत गर्म मौसम रहने की संभावना है।

जनवरी में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी होगी, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश के साथ शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है।

आईएमडी प्रमुख एम मोहपात्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ (13 जनवरी से 26 फरवरी) के दौरान कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। शीतलहर के कारण तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है।

उत्तर भारत में भीषण ठंड के संकेत

उत्तर भारत के सात प्रमुख क्षेत्रों—उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में जनवरी में बारिश और ठंड का प्रभाव ज्यादा रहेगा। इन क्षेत्रों में शीतलहर वाले दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है।

फरवरी और मार्च में गर्मी का एहसास

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, फरवरी और मार्च में दिन और रात के औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। दक्षिण भारत, पश्चिमी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में गर्मी जल्दी शुरू हो सकती है।

मौसम का बदलता मिजाज—वजह क्या है?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एल-नीनो प्रभाव और ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। 2024 में अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर जैसे महीनों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। अक्टूबर तो 123 साल में सबसे गर्म रहा।

फसल और जनजीवन पर असर

मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बेमौसम बारिश और शीतलहर से रबी फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं, शहरों में तापमान के उतार-चढ़ाव से स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।

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