
Gyan Prakash Dubey
एंबुलेंस के गड्ढे से टकराते ही जिंदा हो गया बुजुर्ग
कोल्हापुर (महाराष्ट्र) 2 जनवरी 25 –
सड़कों पर गड्ढों को अक्सर हादसों की वजह माना जाता है, लेकिन इस बार यही गड्ढे एक व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हुए। इसे ‘न्यू ईयर मिरेकल’ कहा जा रहा है। मामला कोल्हापुर के कस्बा बावडा उपनगर का है, जहां 65 वर्षीय पांडुरंग तात्या वारकरी को हार्ट अटैक के बाद मृत घोषित कर दिया गया था।
अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच चमत्कार
हरिनाम का जाप करते समय हार्ट अटैक के बाद पांडुरंग को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशें नाकाम रहीं। उन्हें मृत घोषित कर दिया गया और परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।
गड्ढे ने दी नई जिंदगी
शव को घर ले जाने के दौरान एंबुलेंस सड़क के गड्ढे से टकराई। तभी मृत घोषित किए गए पांडुरंग के शरीर में हलचल देखी गई। उनकी उंगलियां हिलने लगीं, जिससे परिजनों में हलचल मच गई।
फिर अस्पताल और फिर से जिंदगी
परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच की और पाया कि पांडुरंग जीवित हैं। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई। घर पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
गड्ढों को मिला श्रेय
परिजनों ने इस घटना को चमत्कार करार दिया और गड्ढों को श्रेय दिया। अब पांडुरंग सामान्य जीवन जी रहे हैं। हालांकि, इस घटना ने साइंस और चमत्कार पर नई बहस छेड़ दी है।
(NGV PRAKASH NEWS के लिए विशेष रिपोर्ट)

