
दूल्हे ने लौटा दिया लाखों का दहेज, समाज को दिया प्रेरणादायक संदेश
भारत में शादी-ब्याह हमेशा से एक बड़ा आयोजन होता आया है। लोग अपनी ज़िंदगी भर की कमाई इस मौके पर खर्च कर देते हैं। रिश्तेदारों और समाज के लोगों को प्रभावित करने की कोशिश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती। खासकर, बेटी की शादी में पिता पर भारी दबाव रहता है। लेकिन राजस्थान के सीकर जिले में हुई एक शादी ने इस परंपरा को तोड़ते हुए दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया।
सीकर के फतेहपुर में सीआरपीएफ सब इंस्पेक्टर मुकेश सिंह की शादी प्रमोद कंवर के साथ संपन्न हुई। बारात के दौरान दुल्हन के परिवार ने दूल्हे को कार की चाबी, दो प्लॉट के कागजात, और 11 लाख रुपये नकद की पेशकश की। लेकिन स्टेज पर दहेज की रस्म के समय दूल्हे ने सिर्फ शगुन का नारियल और एक रुपये का सिक्का उठाया, बाकी सारा दहेज लौटा दिया।
दूल्हे और परिवार का सराहनीय कदम
दूल्हे और उसके परिवार ने बताया कि वे दहेज प्रथा के सख्त खिलाफ हैं। उनका मानना है कि बेटी ही सबसे बड़ा धन है, और समाज में बदलाव लाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। दूल्हे का यह कदम न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज को दहेज के खिलाफ एक नई सोच अपनाने का संदेश देता है।
दहेज प्रथा के खिलाफ एक संदेश
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच बदल दी जाए, तो दहेज जैसी कुप्रथाओं को खत्म किया जा सकता है। दूल्हे के इस कदम की हर तरफ सराहना हो रही है। यह घटना न केवल दहेज प्रथा के खिलाफ एक उदाहरण है, बल्कि यह दिखाती है कि सच्चे संस्कार और सोच की ताकत क्या होती है।
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