शव ले जाने का नहीं मिला रास्ता-सड़क पर ही कर दिया है दाह संस्कार…….

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श्मशान जाने का रास्ता बंद, सड़क पर हुआ अंतिम संस्कार; डीएम ने दिए जांच के आदेश

वैशाली, 30 जनवरी 2026.
बिहार के वैशाली जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग महिला के शव को श्मशान घाट तक ले जाने का रास्ता न मिलने पर परिजन मजबूरन बीच सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने को विवश हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शमशान जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण के चलते यह स्थिति हुई, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना गरौल थाना क्षेत्र के सोंधो अंधारी गाछी चौक की है। यहां महादलित परिवार को श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता नहीं मिला। मृतका की पहचान सोंधो वासदेव गांव निवासी 91 वर्षीय झपकी देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, झपकी देवी की मौत के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में अतिक्रमण होने के कारण आगे बढ़ना संभव नहीं हो सका।

परिजनों का आरोप है कि श्मशान जाने वाले रास्ते पर स्थानीय दुकानदारों ने लंबे समय से कब्जा कर रखा है। जब शव को लेकर आगे बढ़ने का प्रयास किया गया तो दुकानदारों ने रास्ता देने से इनकार कर दिया। काफी कोशिशों के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो मजबूरी में परिजनों ने चौराहे पर ही चिता जलाकर अंतिम संस्कार कर दिया।

घटना की सूचना पर स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस घंटों तक मूकदर्शक बनी रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह रास्ता काफी समय से अतिक्रमण के कारण बंद है, जिससे श्मशान जाने में ग्रामीणों को लगातार परेशानी होती रही है। इसके बावजूद प्रशासन स्तर पर पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इस घटना ने प्रशासन के साथ-साथ पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। 21वीं सदी में भी यदि किसी को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक जाने का रास्ता न मिले, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता मानी जाएगी। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर गठित जांच समिति में महुआ के एसडीओ, डीएसपी और गोरौल के बीडीओ को शामिल किया गया है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

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