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आम जनता के फीडबैक के आधार पर थाना प्रभारियों का आकलन, तीन श्रेणियों में किया गया वर्गीकरण
बस्ती, 30 जनवरी 2026.
जिले में पुलिस अधीक्षक के द्वारा जिले में उनके द्वारा तैनात टीम के बारे क्या है आम जनता की राय | आम जनता से अपराध नियंत्रण, शिकायतों पर कार्रवाई की गति, पुलिस कर्मियों का व्यवहार, क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और जनसुनवाई जैसे बिंदुओं पर राय ली गई। प्राप्त फीडबैक के आधार पर जिले में कार्यरत थाना प्रभारियों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया।
👉 पहली श्रेणी में नगर थाना के थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, कलवारी थाना के थानाध्यक्ष गजेंद्र सिंह और रुधौली के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार दुबे को रखा गया है। सर्वे में शामिल लोगों का कहना है कि इन थाना क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी स्पष्ट रूप से महसूस होती है। अपराध की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर इन अधिकारियों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। आम नागरिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में पुलिस से संवाद अपेक्षाकृत आसान है और भरोसे का माहौल बना हुआ है।
👉दूसरी श्रेणी में उन थाना प्रभारियों को शामिल किया गया है, जिनके कार्य को लेकर जनता की राय संतोषजनक रही है, लेकिन कुछ बिंदुओं पर सुधार की अपेक्षा भी जताई गई है। इस श्रेणी में पुरानी बस्ती के प्रभारी निरीक्षक जयदीप दुबे, सोनहा के थानाध्यक्ष महेश सिंह, मुंडेरवा के थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार, लालगंज के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार, कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र चौधरी और हरैया के प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह शामिल हैं। फीडबैक में यह सामने आया है कि इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था सामान्य रूप से नियंत्रित है, हालांकि जनता से संवाद, क्षेत्रीय सक्रियता और कुछ मामलों में निर्णय की गति को और बेहतर बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
👉जनता के फीडबैक के आधार पर तीसरी श्रेणी में उन थाना प्रभारियों को रखा गया है, जिनके कार्य को लेकर सर्वे में सबसे अधिक असंतोष व्यक्त किया गया। इस सूची में दुबौलिया के थानाध्यक्ष सुनील गौड़, गौर के थानाध्यक्ष संतोष कुमार, पैकोलिया के थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार साहू और वाल्टरगंज के थानाध्यक्ष शशांक सिंह शामिल हैं। इन क्षेत्रों से मिली प्रतिक्रियाओं में यह संकेत मिला है कि पुलिस की सक्रियता, जनसुनवाई और अपराध नियंत्रण के स्तर पर अपेक्षित प्रभाव नजर नहीं आ रहा है, जिससे आम लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
👉इसी सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक डॉ. शालिनी सिंह अपने कार्य और मामलों के निस्तारण को लेकर आम महिलाओं और फरियादियों के बीच एक सकारात्मक पहचान बना रही हैं। लोगों का कहना है कि महिला थाना में शिकायतों को गंभीरता से सुना जाता है और मामलों में समय पर कार्रवाई की जाती है।
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👉 यह लेख किसी के कार्य शैली को पूरी तरह परिभाषित नहीं करता | किसी के कार्य करने का ढंग और उनकी क्षमता समय-समय पर बदल सकती है |
