
डीएसपी की कार्रवाई पर उठा सवाल: जब्त सोना 5 दिन तक क्यों रखा अपने पास?
पाली, 19 फरवरी 2025।
पाली जिले में अवैध सोने की जब्ती के बाद चर्चा में आए सोजत के डीएसपी अनिल सारण को अपनी ही कार्रवाई महंगी पड़ गई। डेढ़ करोड़ रुपये के सोने की जब्ती के बाद जहां उनकी सराहना हो रही थी, वहीं कुछ ही दिनों में मामला पलट गया। डीएसपी को निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने जब्त किए गए सोने को मालखाने में जमा करने के बजाय पांच दिन तक अपने पास रखा।
अवैध सोना, छिपा सच
12 फरवरी को सोजत डीएसपी अनिल सारण ने चेन्नई से सोना बेचने आए एक युवक से 1 किलो 660 ग्राम सोना जब्त किया था। सोने की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई। लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी सोना मालखाने में जमा नहीं हुआ, बल्कि डीएसपी के पास ही रहा। जब इसकी भनक पुलिस मुख्यालय को लगी, तो एसपी चूनाराम जाट ने गोपनीय जांच के आदेश दिए।
खुलासा और निलंबन
जांच के दौरान पता चला कि डीएसपी ने युवक को डराकर सोना जब्त तो किया, लेकिन उसे पांच दिनों तक अपने पास रखा। जैसे ही मामला तूल पकड़ने लगा, डीएसपी आनन-फानन में सोना लेकर थाने पहुंचे और बीएनएस 106 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि सोना मनीष शर्मा नाम के युवक से पकड़ा गया था, जो अब फरार है।
कांस्टेबल भी नप गए
सोने की जब्ती में डीएसपी के साथ मौजूद दो कांस्टेबल अशोक मीणा और जितेंद्र भी जांच के दायरे में आ गए। पुलिस मुख्यालय ने इन दोनों को भी सस्पेंड कर दिया। डीएसपी का दावा था कि वह व्यस्तता के कारण सोना समय पर जमा नहीं करा पाए, लेकिन पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तुरंत निलंबन का आदेश दे दिया।
अब सवाल यह उठता है कि कानून के रखवाले ही अगर नियमों का पालन न करें, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
NGV PRAKASH NEWS


