
मुस्तफा के जाल में फंसी महिला: खेत और होटलों में बार-बार हुआ दुष्कर्म, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
अलवर। भिवाड़ी में एक महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस और आरोपी की मिलीभगत के चलते पहले कार्रवाई नहीं हुई। उसने पुलिस पर आरोपी से पैसे लेकर समझौता कराने का भी खुला आरोप लगाया। महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, तब जाकर मामला दर्ज किया गया।
खेत ले जाकर किया रेप, फिर वीडियो बनाकर धमकाया
पीड़िता के अनुसार, मुस्तफा नाम का युवक उसे खेत ले जाने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक कमरे में ले गया। वहां उसने कट्टा दिखाकर उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस घिनौनी हरकत का अश्लील वीडियो भी बना लिया और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रहने पर मजबूर कर दिया।
अलग-अलग होटलों में भी किया दुष्कर्म
पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे बार-बार डरा-धमकाकर अलग-अलग होटलों में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद मुस्तफा के साथी विक्रम ने उसे एक कमरा दिलवाया, जहां विक्रम ने भी उससे जबरदस्ती करने की कोशिश की। 9 जनवरी को आरोपी ने उसे बस में बैठाकर अलवर ले जाते समय जान से मारने की धमकी दी और एक होटल में ठहराया। जब उसे पुलिस में शिकायत करने की भनक लगी, तो आरोपी उसे गाड़ी में बिठाकर थाने ले गया। वहां भी माता-पिता और बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर अपने पक्ष में बयान दिलवा दिए।
थाने के चक्कर काटती रही पीड़िता, लेकिन दर्ज नहीं हुआ केस
महिला ने आरोप लगाया कि वह कई दिनों तक थाने के चक्कर काटती रही, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस की बेरुखी के चलते वह न्याय के लिए भटकती रही। अंततः जब उसने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, तब जाकर मामला दर्ज किया गया।
शनिवार को हुआ केस दर्ज, पुलिस कर रही जांच
महिला थानाधिकारी प्रकिता ने बताया कि पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर शनिवार को मामला दर्ज कर लिया गया है। आश्चर्यजनक रूप से, पीड़िता की मां ने भी इसी आरोपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रही है।
इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों पीड़िता को न्याय के लिए भटकना पड़ा? क्या आरोपी को बचाने की कोशिश हो रही थी? यह जांच का विषय है, लेकिन जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक इस तरह के मामलों में पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहेंगे।
NGV PRAKASH NEWS

