
दिल्ली-एनसीआर में एक हफ्ते में तीसरी बार भूकंप, धरती फिर हिली
24 फरवरी 25.
दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटकों का सिलसिला जारी है। सोमवार को राजधानी दिल्ली में एक बार फिर धरती कांपी, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। इस बार भूकंप का केंद्र दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में था, और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.2 मापी गई। बीते सात दिनों में यह तीसरा मौका है जब दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले गाजियाबाद और धौलाकुआं क्षेत्र में भी धरती हिल चुकी है।
भूकंप का विवरण
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, सोमवार सुबह 11:46 बजे दिल्ली में हल्के दर्जे का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर उत्पन्न हुआ, जिससे इसका असर कम रहा और किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली। हालांकि, लगातार भूकंप आने से लोग चिंतित हैं और विशेषज्ञ इस भूकंपीय गतिविधि को लेकर नजर बनाए हुए हैं।
एक हफ्ते में तीसरी बार हिली दिल्ली-एनसीआर की धरती
- 19 फरवरी: सोमवार सुबह 11:46 बजे, 2.2 तीव्रता, केंद्र दक्षिण-पूर्वी दिल्ली
- 18 फरवरी: रविवार दोपहर 3:24 बजे, 2.8 तीव्रता, केंद्र गाजियाबाद
- 12 फरवरी: सोमवार तड़के 5:36 बजे, 4.0 तीव्रता, केंद्र धौलाकुआं के पास
इनमें सबसे तेज झटका 12 फरवरी को महसूस किया गया, जब 4.0 तीव्रता के भूकंप ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद को हिला दिया। उस दिन सुबह-सुबह भूकंप आने से लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए थे।
लगातार आ रहे भूकंप, चिंता का विषय?
दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय दृष्टि से जोन-4 में आता है, जो मध्यम से उच्च स्तर के भूकंप जोखिम क्षेत्र में शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में छोटे-छोटे झटकों की बढ़ती संख्या किसी बड़े भूकंप की चेतावनी भी हो सकती है। हालांकि, इनकी तीव्रता कम होने के कारण फिलहाल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं जताई गई है।
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, छोटी तीव्रता के भूकंप पृथ्वी के अंदर दबाव को रिलीज करने में मदद करते हैं, जिससे बड़े भूकंप का खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है। लेकिन लगातार हो रहे भूकंप संकेत देते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में भूकंपीय गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
भूकंप से बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी स्थिति में घबराने की बजाय सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए—
- भूकंप के दौरान अगर घर में हों, तो किसी मजबूत टेबल या बेड के नीचे शरण लें।
- अगर बाहर हों, तो ऊंची इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों का उपयोग करें।
- घर में फर्नीचर और भारी वस्तुओं को अच्छी तरह से फिक्स करें, ताकि वे गिरकर नुकसान न पहुंचाएं।
- आपातकालीन किट तैयार रखें, जिसमें टॉर्च, पानी, दवाएं और जरूरी दस्तावेज हों।
सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है।
निष्कर्ष
लगातार तीन भूकंप आने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों में चिंता बढ़ गई है। हालाँकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह भविष्य में आने वाले किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकता है। ऐसे में सतर्क रहना और भूकंप से बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।
NGV PRAKASH NEWS

