
फर्जी दस्तावेजों से ठगी: मौलाना असदुल इस्लाम का बड़ा खेल बेनकाब
असम, 27 मार्च 2025 – ज़रा कल्पना कीजिए, आपकी पहचान का इस्तेमाल कोई और कर रहा हो, आपके नाम पर दस्तावेज बनाकर आपके बैंक से पैसा निकाल रहा हो और आपको इसकी भनक तक न लगे! यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि असम में हुआ एक सनसनीखेज मामला है, जहां मौलाना असदुल इस्लाम ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिए लाखों की ठगी को अंजाम दिया।
फर्जी पहचान, असली ठगी
जांच में सामने आया है कि मौलाना ने सुनियोजित तरीके से हिंदू नामों का इस्तेमाल कर जाली आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी तैयार करवाए। इन फर्जी पहचान पत्रों के दम पर बैंक खाते खोले गए और फिर उनमें से मोटी रकम उड़ा ली गई। हैरानी की बात यह है कि जिन पते का इस्तेमाल किया गया, वहां असल में कोई हिंदू परिवार रहता ही नहीं था, फिर भी सरकारी सिस्टम को चकमा देकर यह जालसाजी की गई।
बैंक से लेकर लोन तक, हर तरफ धांधली
ठगी सिर्फ बैंक खातों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इस गिरोह ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर बड़े-बड़े लोन भी पास करवा लिए। गुलाम उस्मानी नाम के व्यक्ति को लाखों के कर्ज में डालकर धोखा दिया गया। जब इस ठगी का पता चला, तो पीड़ितों ने फौरन पुलिस का रुख किया।
साइबर अपराध का संगठित जाल
पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह सिर्फ एक अकेले व्यक्ति की करतूत नहीं, बल्कि एक पूरे नेटवर्क का हिस्सा है। मौलाना असदुल इस्लाम और उसके सहयोगियों के पास ऐसी तकनीक थी, जिससे वे चुटकियों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर सकते थे। पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी इसी तरह की ठगी कर चुका है और कई लोग इसका शिकार हो चुके हैं।
गिरफ्तारी के बाद और खुलासों की उम्मीद
मंगलवार को पुलिस ने मौलाना असदुल इस्लाम को हिरासत में लिया, और पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं और जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधियों का जाल कितना खतरनाक हो चुका है। अगर सरकारी पहचान पत्र इतनी आसानी से फर्जी बनाए जा सकते हैं, तो कोई भी इसका शिकार बन सकता है। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे मजबूत हथियार है।
NGV PRAKASH NEWS