पुलिस टीम पर हमला :मुख्य आरोपी हुआ गिरफ्तार

बस्ती: पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, इलाके में दहशत का माहौल

👉 हमला करता हूं कुछ शायद यह नहीं पता की थानाध्यक्ष छावनी भानु प्रताप सिंह पहले के थानेदारों से अलग हटकर है.. उनके द्वारा पुलिस पर किया गया हमला उन पर कितना भारी पड़ेगा..

बस्ती, 27 मार्च 2025 – छावनी थाना क्षेत्र के मुंडेरीपुर गांव में पुलिस टीम पर हुए हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है। मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दरोगा और तीन सिपाहियों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस पर हुए इस हमले के बाद इलाके में दहशत फैल गई, लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।

कैसे हुआ हमला?

सूचना मिली थी कि मुंडेरीपुर गांव में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट हो रही है। मौके पर पहुंची विक्रमजोत चौकी प्रभारी रितेश सिंह और सिपाही सुनील चौहान व संदीप यादव ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन तभी भीड़ ने पुलिस को घेर लिया और अचानक हमला बोल दिया। पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडों और रॉड से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद मची अफरा-तफरी

हमले के बाद गांव में तनाव फैल गया। लोग डर के कारण अपने घरों में दुबक गए और कई दुकानों ने समय से पहले ही शटर गिरा दिए। पुलिसकर्मियों पर हमला होते ही अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया, जिससे स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

मुख्य आरोपियों की पहचान, दो गिरफ्तार

इस घटना के बाद चौकी प्रभारी रितेश सिंह ने छावनी थाने में नामजद तहरीर दी, जिसमें अनिल सिंह, बिहारी, गौरव, रामू, अरविंद, रामकेश, अनुज समेत 12 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।

छावनी थानाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी अनुज और बिहारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस प्रशासन की कड़ी कार्रवाई

पुलिस पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अन्य फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं। साथ ही, इस मामले में गांव में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था की चुनौती को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि क्या अब अपराधी कानून के रखवालों को भी निशाना बनाने से नहीं डर रहे? पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद ही इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सकेगी।

NGV PRAKASH NEWS

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