ढाई लाख रुपये था इनाम
दोनों हाथ से चलता था गोली
पुलिस टीम पर बम फेंक कर बचने की कोशिश

मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया को UP STF ने किया ढेर, एनकाउंटर में DSP घायल
जमशेदपुर, 30 मार्च 2025 – मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया शनिवार देर रात यूपी एसटीएफ के साथ हुए एनकाउंटर में मारा गया। यह मुठभेड़ झारखंड के जमशेदपुर में हुई, जहां अनुज छिपा हुआ था। एनकाउंटर के दौरान यूपी पुलिस के डीएसपी डीके शाही को भी गोली लगी, जिन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है।
शनिवार रात करीब 11:30 बजे जमशेदपुर के गोविंदपुर इलाके में यूपी एसटीएफ ने अनुज को घेर लिया। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि जनता मार्केट के पास स्थित एक घर में वह शरण लिए हुए है। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, अनुज ने बम से हमला करने की कोशिश की, लेकिन बम फटा नहीं। इसके बाद दोनों ओर से करीब 25 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें अनुज ढेर हो गया।
तीन महीने से एसटीएफ थी पीछे
सूत्रों के अनुसार, यूपी एसटीएफ बीते तीन महीनों से अनुज की तलाश कर रही थी। हाल ही में सूचना मिली कि वह गोविंदपुर के जनता मार्केट स्थित भूमिहार सदन में छिपा हुआ है। जब वह शनिवार रात बाहर से लौटा, तब झारखंड एटीएस के सहयोग से एसटीएफ ने उसे घेर लिया। लेकिन अनुज ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
अनुज पर था ढाई लाख का इनाम
अनुज कन्नौजिया मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के बहलोलपुर गांव का निवासी था। दो दिन पहले ही यूपी डीजीपी ने उस पर ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इससे पहले वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। पुलिस को उसके पास से बम, गोलियां और अन्य हथियार मिले हैं।
23 मामलों में था वांछित
अनुज के खिलाफ मऊ, गाजीपुर और आजमगढ़ जिलों में कुल 23 मुकदमे दर्ज थे। इनमें मऊ में 13, गाजीपुर में 7 और आजमगढ़ में 2 मुकदमे शामिल हैं। मऊ के दक्षिण टोला थाने में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज था।
मुख्तार गैंग पर लगातार कार्रवाई
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही मऊ सदर के पूर्व विधायक और बाहुबली मुख्तार अंसारी के गैंग पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। पिछले साल बांदा जेल में मुख्तार अंसारी की मौत के बाद उसके कई शूटर भूमिगत हो गए थे। पुलिस लगातार इन पर कार्रवाई कर रही थी, ताकि वे दोबारा संगठित न हो सकें।
मुख्तार अंसारी के जेल में रहने के दौरान अनुज ही नए शूटरों की भर्ती और हथियारों की तस्करी का काम देख रहा था। एसटीएफ ने इसी वजह से उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था, जो आखिरकार उसकी मौत के साथ खत्म हुआ।
(स्रोत: NGV PRAKASH NEWS)
