
सोशल ऑडिट टीम के सदस्य सीख रहे मनरेगा कार्यों की पारदर्शी जांच के गुर
बस्ती। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) जैसी महत्वाकांक्षी योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिले में सोशल ऑडिट की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला ग्राम्य विकास संस्थान में सोशल ऑडिट टीम के 45 सदस्यों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है, जो 17 मई तक चलेगा।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित सदस्यों को कार्यस्थल पर मनरेगा योजनाओं की वस्तुनिष्ठ जांच और रिपोर्टिंग की विधिवत जानकारी हो। वर्षों से लंबित प्रशिक्षण न हो पाने के कारण सोशल ऑडिट की प्रक्रिया कई ब्लॉकों—जैसे बहादुरपुर, सदर, गौर और सल्टौआ गोपालपुर—में बाधित हो रही थी। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला विकास अधिकारी अजय कुमार सिंह ने जिला समन्वयक रामप्रकाश को निर्देशित किया था कि इन सदस्यों को शीघ्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया जा रहा है?
जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. विजय प्रताप यादव, वरिष्ठ प्रशिक्षक निरंकार लाल श्रीवास्तव, मुकेश कुमार और महेश चंद्र पांडेय की देखरेख में सोशल ऑडिट टीम के सदस्यों को रिपोर्टिंग की बारीकियों, ड्राफ्ट प्रतिवेदन भरने की प्रक्रिया, दस्तावेजों का मूल्यांकन, मजदूरों से साक्षात्कार और स्थल निरीक्षण जैसे व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
स्थलीय प्रयोग भी होगा प्रशिक्षण का हिस्सा
प्रशिक्षण के चौथे दिन यानी 16 मई को सभी प्रतिभागी जिले की एक चयनित ग्राम पंचायत में जाकर स्थलीय प्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसके बाद वे अपने-अपने ब्लॉकों में जाकर सोशल ऑडिट की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
कार्यक्रम में वृजेंद कुमार, जयप्रकाश श्रीवास्तव, विकास दूबे और अखिलेश श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में वीआरपी (विलेज रीसोर्स पर्सन) भी उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण विकास को जनभागीदारी से मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।
NGV PRAKASH NEWS

