
गो-तस्करों से मुठभेड़ में यूपी पुलिस का जवान शहीद, मुख्य आरोपी सलमान ढेर, दो गिरफ्तार
– संवाददाता, जौनपुर | 18 मई 2025
NGV PRAKASH NEWS विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बीती रात गो-तस्करी के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान बड़ी घटना सामने आई है। जिले के चंदवक थाना क्षेत्र में गो-तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में एक हेड कांस्टेबल की जान चली गई, जबकि एक महिला पुलिसकर्मी घायल हुई हैं। जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर मारा गया है, जिसकी पहचान वाराणसी निवासी सलमान के रूप में हुई है। दो अन्य आरोपियों नरेन्द्र और गोलू यादव को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया है।
60 किलोमीटर तक चला पीछा, रेलवे गेट तोड़कर भागे तस्कर
जानकारी के अनुसार, जौनपुर पुलिस को इनपुट मिला था कि वाराणसी की दिशा से कुछ गो-तस्कर एक पिकअप वाहन में पशुओं को लेकर आजमगढ़ की ओर जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने चंदवक थाना क्षेत्र के खुज्जी मोड़ सहित कई स्थानों पर नाकेबंदी कर दी। रात लगभग 12 बजे संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन तस्करों ने न केवल रफ्तार बढ़ा दी, बल्कि डोभी क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग का गेट भी तोड़ डाला।
खुज्जी मोड़ पर पुलिस ने जब पुनः पिकअप को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पिकअप वाहन चढ़ाकर हेड कांस्टेबल दुर्गेश सिंह को रौंद दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दुर्गेश, चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र के निवासी थे। यह घटना पुलिस बल के लिए गहरा आघात थी।
घेराबंदी के बाद हुई मुठभेड़, सलमान मारा गया
पुलिस ने घटनास्थल से फरार हुए पिकअप का पीछा करते हुए करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान चंदवक और चोलापुर थानों की पुलिस के साथ-साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीमें भी सक्रिय रहीं। आखिरकार पुलिस ने पिकअप को घेर लिया और आत्मसमर्पण का आदेश दिया, लेकिन तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी सलमान मारा गया और दो अन्य बदमाश गोली लगने से घायल हुए, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
महिला कांस्टेबल घायल, पुलिस महकमे में हड़कंप
मुठभेड़ में एक महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरी घटना ने पुलिस विभाग को झकझोर दिया है। दो दिन पहले ही जलालपुर थाना क्षेत्र में इसी तरह की घटना में पुलिस कर्मियों को कुचलने का प्रयास किया गया था, जिससे साफ है कि गो-तस्करों के हौसले किस कदर बुलंद हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
जौनपुर के पुलिस अधीक्षक ने घटना को बेहद गंभीर मानते हुए जिलेभर में पिकअप वाहनों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। यह मुठभेड़ गो-तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखी जा रही है।
विश्लेषण:
यह घटना सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि पशु तस्करी जैसे संगठित अपराध अब केवल अवैध व्यापार की श्रेणी में नहीं बल्कि गंभीर कानून व्यवस्था की चुनौती बन चुके हैं। पुलिस की सतर्कता, तत्परता और बलिदान से यह सिद्ध होता है कि अपराधियों के मंसूबों को कामयाब होने से रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए तंत्र को और अधिक सशक्त और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना होगा।
NGV PRAKASH NEWS
सत्य, साहस और सरोकार की आवाज़

